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क्या 1 अक्टूबर से लागू नहीं हो पाएगा 6 एयरबैग्स का नियम? फैसले का इंतजार

एयरबैग्स दुर्घटना की स्थिति में कार में सवार लोगों की जान बचाने में काफी उपयोगी साबित होते हैं. हाल ही में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. जांच में पता चला कि मिस्त्री ने सीटबेल्ट नहीं लगाया था. जिसके बाद से कारों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है.

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टल सकता है नियम टल सकता है नियम

देश में कारों की सुरक्षा को लेकर छिड़ी नई बहस के बीच भारत सरकार अगले महीने से 6-एयरबैग को अनिवार्य करने का कानून टाल सकती है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी में इसे लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था. तब सरकार ने कहा था कि देश में यात्री कारों के लिए 6 एयरबैग अनिवार्य किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए 1 अक्टूबर की डेडलाइन तय की थी. अब चूंकि यह डेडलाइन नजदीक है, इसे टाले जाने के कयास लगाए जा रहे हैं.

सूत्रों ने दी ये जानकारी

आज तक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे टीवी को सूत्रों ने बताया भी है कि अनिवार्य 6 एयरबैग के नियम को टाला जा सकता है. एक सूत्र ने बताया, 'हम अभी भी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द सड़कों पर सुरक्षित कारें उतरें.' हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. हो सकता है सरकार की ओर से आने वाले दिनों में इस बारे में कोई बयान जारी हो.

जनवरी में आया था ड्राफ्ट

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी 2022 में जारी नोटिफिकेशन में प्रस्ताव किया था कि 01 अक्टूबर 2022 के बाद बनने वाली एम1 कैटेगरी की सभी कारों के लिए 6 एयरबैग अनिवार्य किया जाना चाहिए. मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, एम1 कैटेगरी की कारों में दो साइड/साइड टोर्सो एयरबैग्स होने चाहिए और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग्स होने चाहिए. इसके अलावा दो फ्रंट एयरबैग तो रहने ही चाहिए. इस तरह टोटल 6 एयरबैग्स का प्रावधान किया गया था.

सेफ्टी के लिए जरूरी

आपको बता दें कि एयरबैग्स दुर्घटना की स्थिति में कार में सवार लोगों की जान बचाने में काफी उपयोगी साबित होते हैं. हाल ही में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मुंबई के पास पालघर में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. बाद में जांच में पता चला था कि मिस्त्री ने सीटबेल्ट नहीं लगाया था. सीटबेल्ट नहीं लगाने पर दुर्घटना की स्थिति में भी एयरबैग्स नहीं खुल पाते हैं. इस कारण कार सवारों के सीट बेल्ट लगाना जरूरी होता है. मिस्त्री की मौत के बाद से कारों की सुरक्षा को लेकर बहस ने नई रफ्तार पकड़ ली है. उसके बाद कार की पिछली सीटों पर बैठे लोगों के लिए भी सीटबेल्ट लगाने को लेकर सख्तियां बरती जाने लगी हैं.

हर साल होती है इतनी मौतें

सीटबेल्ट और एयरबैग्स इस कारण भी अहम हो जाते हैं, क्योंकि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लाखों लोगों की मौत होती है. भारत सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतों वाले देशों में गिना जाता है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में इस बारे में आंकड़ों को सामने रखा था. उन्होंने ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सालाना सत्र को संबोधित करते हुए बताया था कि देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. इन दुर्घटनाओं में करीब 1.5 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि करीब 03 लाख लोग घायल हो जाते हैं.

गडकरी ने की थी ये आपत्ति

उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई थी कि कार कंपनियां अन्य देशों में अपने मॉडलों में 6 एयरबैग्स देती हैं, लेकिन भारत में उन्हीं मॉडलों में 6 एयरबैग्स नहीं होते हैं. उन्होंने कहा था, 'ज्यादातर वाहन कंपनियां एक्सपोर्ट होने वाली कारों में 6 एयरबैग्स देती हैं, लेकिन भारत में वे इकोनॉमिक मॉडल और कॉस्ट के कारण ऐसा करने से कतराती हैं.' गडकरी ने ग्लोबल एनकैप और लैटिन एनकैप की तरह भारत के अपने सेफ्टी स्टैंडर्ड बनाने की भी बात की थी.

 

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