
Indore EV Fire: सुबह के तकरीबन चार बजे, जब ज़्यादातर घरों में लोग गहरी नींद में सो रहे थें, तब इंदौर के एक घर से निकली चीखों ने सन्नाटे को चीर दिया. एक इलेक्ट्रिक कार, जो चार्ज हो रही थी, अचानक आग का गोला बन गई. ये आग इतनी तेजी से भड़की कि पलक झपकते ही गाड़ी से घर तक लपटें पहुंच गईं, और फिर वह घर, जो कुछ देर पहले तक शांत और सुरक्षित था, देखते ही देखते आग की लपटों से घिर गया. जो लोग घर में सो रहे थें उन्हें यह भी पता नहीं चला कि आग कब दरवाजे तक पहुंच गई. धुआं, आग और बंद रास्ते, सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि बचने का कोई मौका ही नहीं मिला और इस हादसे में 8 लोग जिंदा जल गए.
यह मामला इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र का है. इसी इलाके में पुगलिया परिवार का मकान है, जहां उनकी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग में लगी थी. बताया जा रहा है कि, तड़के सुबह तकरीबन 4 बजे इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग प्वाइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ. यह आग घर के बाहर खड़ी कार से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में बेकाबू होकर तीन मंजिला मकान तक फैल गई.
शुरुआती जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक कार रात भर चार्जिंग पर लगी हुई थी. अचानक हुए शॉर्ट सर्किट ने चार्जिंग प्वाइंट में धमाका कर दिया, जिससे कार में आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि उसने घर के अंदर रखे कई LPG सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद जो हुआ, वह और भी भयावह था. एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए, जिनमें कम से कम 4 सिलेंडर लगातार फटे. इन धमाकों की गूंज पूरे इलाके में सुनी गई.
विस्फोट इतना तेज था कि मकान के कुछ हिस्से ढह गए, और अंदर फंसे लोगों के पास बचने का लगभग कोई मौका नहीं बचा. इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम लगा हुआ था. जो आग लगने के बाद पावर फेल्योर के चलते खराब हो गएं, जिससे दरवाजे नहीं खुले. जिसका नतीजा ये हुआ कि घर में मौजूद लोग अंदर ही फंस गए. जब तक दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे तक तक पूरा घर आग की लपटों में घिरा था और बहुत देर हो चुकी थी.
इलेक्ट्रिक व्हीकल अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बनते नजर आ रहे हैं. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ईवी काफी बेहतर मानी जा रही हैं. सरकार भी इलेक्ट्रिक कारों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है. लेकिन जैसे-जैसे लोग ईवी अपना रहे हैं, वैसे-वैसे एक नई जिम्मेदारी भी सामने आ रही है, खासकर घर पर चार्जिंग को लेकर. छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है, इसलिए जरूरी है कि ईवी चार्जिंग को लेकर सही जानकारी और सावधानी दोनों रखी जाए.
घर पर इलेक्ट्रिक कार चार्ज करना सबसे आसान और सुविधाजनक तरीका है. ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी रात में चार्ज करते हैं. लेकिन यह सिर्फ प्लग लगाने जितना आसान काम नहीं है. इसमें सही सेटअप और सेफ्टी के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि गाड़ी और घर दोनों सुरक्षित रहें. तो यदि आप EV खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, या खरीद चुके हैं तो चार्जिंग प्वाइंट्स को लेकर कुछ ख़ास बातों का ध्यान जरूरी है.

इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के लिए घर में अलग से फ्यूज बोर्ड लगवाना बहुत ही जरूरी होता है. इससे चार्जिंग सिस्टम घर के बाकी इलेक्ट्रिक सर्किट से अलग रहता है और ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट का खतरा कम होता है. इसके लिए हमेशा किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन से सलाह लें और उसी से इंस्टॉलेशन करवाएं. कोशिश करें जिस कंपनी की कार आप खरीद रहें उनके द्वारा ही ये काम हो या फिर उनके ही रेकमंडेशन पर या सुझाए गए प्रोफेशनल से यह काम करवाएं.
साधारण सॉकेट से भी चार्जिंग हो सकती है, लेकिन रेगुलर यूज के लिए प्रोफेशनल चार्जिंग स्टेशन बेहतर होता है. 7kWh या 22kWh चार्जर तेजी से और सेफ तरीके से गाड़ी चार्ज करते हैं. इन चार्जर्स में कई सेफ्टी फीचर्स होते हैं, जो दुर्घटना के जोखिम को कम करते हैं. इसलिए हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट से ही चार्जर लगवाएं.
चार्जिंग केबल, प्लग और चार्जिंग प्वाइंट की समय-समय पर जांच करते रहें. अगर कहीं किसी तरह का कट, घिसाव या खराबी नजर आए तो तुरंत उसे बदलें. खराब उपकरण आग या शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकते हैं. खुद से रिपेयर करने की बजाय एक्सपर्ट की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित होता है. इसलिए ऐसी स्थिति में उस टीम से संपर्क करें जिसके द्वारा चार्जर इंस्टॉल करवाया गया है.
हर इलेक्ट्रिक वाहन के साथ कंपनी कुछ खास निर्देश देती है, जैसे किस तरह का चार्जर इस्तेमाल करना है और कितनी देर चार्ज करना है. इन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. गलत चार्जर या एक्सेसरीज का इस्तेमाल गाड़ी को नुकसान पहुंचा सकता है और वारंटी भी खत्म कर सकता है. इसके अलावा ये किसी भी तरह के आपात स्थिति को न्योता भी दे सकता है.
जहां आपको अपनी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के खड़ी करनी है उस जगह का बहुत ही समझदारी से चुनाव करें. ऐसी जगह के आसपास किसी भी तरह के ज्वलनशील चीजें जैसे, पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर, केरोसीन, फेविकोल, पेंट, थीनर, तेजाब या बैटरी इत्यादि बिल्कुल न रखें. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि वहां गंदगी या पानी न हो. चार्जिंग एरिया बिल्कुल क्लीन, क्लीयर और साफ-सुथरा होना चाहिए. ये उपाय आग और करंट के खतरे को कम करता है, साथ ही इससे चार्जिंग सिस्टम की लाइफ भी बढ़ती है.
आजकल के इलेक्ट्रिक वाहनों में ओवरचार्जिंग से बचाने के सिस्टम होते हैं, लेकिन फिर भी जरूरत से ज्यादा देर तक गाड़ी को प्लग में लगाकर नहीं रखना चाहिए. इससे न केवल बैटरी पर दबाव पड़ता है और उसकी लाइफ कम होती है. बल्कि हीट होने के कारण आग लगने या शॉर्ट सर्किट का भी जोखिम होता है. बेहतर है कि गाड़ी को 80-90% चार्ज करने के बाद प्लग निकाल दें या स्मार्ट चार्जिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें.
अचानक वोल्टेज बढ़ने से बैटरी और चार्जिंग सिस्टम को नुकसान हो सकता है. इससे बचने के लिए घर में सर्ज प्रोटेक्टर लगवाना एक अच्छा विकल्प होता है. खासकर उन जगहों पर जहां पावर फ्लैक्चुएशन (वोल्टेज हाई-लो) ज्यादा होता है. वोल्टेज में लगातार उतार चढ़ाव के चलते न केवल चार्जिंग प्वाइंट के खराब होने के खतरा होता है बल्कि इससे केबल में शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है.