हवा में 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में जब एक भयानक हमला हुआ, तो पूरा तंत्र हिल गया. कॉकपिट के भीतर पायलट के सिर पर लगातार वार किए गए, जिसके कारण विमान तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा. ऐसी बेहद नाजुक और डरावनी परिस्थिति में भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखते हुए भी हार नहीं मानी और आखिरी दम तक विमान को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़ा संघर्ष किया. उनकी इस बेमिसाल बहादुरी के कारण ही विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बच सकी. अब कैप्टन स्मित के इस अदम्य साहस और शौर्य की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. वैश्विक नेताओं ने उनकी जमकर सराहना की है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें फोन करके दुनिया का असली हीरो बताया और उन्हें इजरायल आने का विशेष न्योता भी दिया.