होर्मुज से अलग यमन के हूती और सऊदी अरब में भी छिड़ गई जंग, दोनों ने एक-दूसरे पर बरसाईं मिसाइलें

सऊदी अरब ने यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले सना शहर के एयरपोर्ट पर ईरान से पहुंचे विमान की लैंडिंग के दौरान मिसाइल अटैक किया. सऊदी क्राउन प्रिंस ने इससे पहले ट्रंप से बात कर समर्थन मांगा था.

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सऊदी अरब और हूतियों के बीच है पुरानी दुश्मनी (Screengrab: X) सऊदी अरब और हूतियों के बीच है पुरानी दुश्मनी (Screengrab: X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

शांति की राह पर बढ़ चले अमेरिका और ईरान फिर से जंग के मैदान में आ डटे हैं. होर्मुज जंग का अखाड़ा बन गया है, वहीं अब एक नया फ्रंट भी खुल गया है. होर्मुज से अलग अब सऊदी अरब ने ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ हमला बोल दिया है. सऊदी अरब ने सना एयरपोर्ट पर ईरान से पहुंचे माहान एयरलाइंस के विमान की लैंडिंग के दौरान मिसाइलें बरसाईं. जवाब में हूतियों ने भी सऊदी अरब पर मिसाइलें दागीं.

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साल 2022 के बाद दोनों देशों के बीच यह सबसे बड़ा तनाव बताया जा रहा है. यह दोनों पक्षों के बीच जारी संघर्ष विराम टूटने का संकेत माना जा रहा है. अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी को हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपना समर्थन दिया था.

एक्सियोस ने यह जानकारी अमेरिका के दो अधिकारियों के हवाले से दी है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सऊदी के क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति ट्रंप से समर्थन मांगा था. इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सऊदी अरब को हूतियों के साथ संघर्ष लंबा चलने की आशंका है और ऐसे में उसे अमेरिका से सैन्य और कूटनीतिक सहयोग की जरूरत पड़ सकती है.

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एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने अमेरिका को अपनी चिंताओं से भी अवगत कराया. पिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सऊदी राजदूत ने भी मुलाकात की थी. सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी रुबियो से बात की थी.

सऊदी-हूतियों में बढ़ा तनाव

सऊदी अरब और हूतियों के बीच साल 2022 के बाद यह सबसे बड़ा तनाव बताया जा रहा है. 10 दिन पहले ईरान की माहान एयर का विमान हूतियों के नियंत्रण वाले शहर सना पहुंचा था. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने ईरान गए हूतियों के डेलिगेशन को लेकर वापस सना पहुंची यह उड़ान एक दशक से अधिक समय बाद तेहरान से सना की पहली उड़ान थी.

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सऊदी ऐसी उड़ानों का विरोध करता आया है. सऊदी को आशंका है कि ऐसी उड़ानों के जरिये ईरान हुतियों तक हथियार पहुंचा सकता है, सैन्य सलाहकार भी भेजे जा सकते हैं. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि माहान एयर का संबंध ईरान की आईआरजीसी से है, जिस पर अमेरिका ने पहले से ही प्रतिबंध लगा रखा है.

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हूतियों ने सऊदी पर ईरान से पहुंचे विमान की सना में लैंडिंग रोकने की कोशिश का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर फिर ऐसा हुआ तो सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाएंगे.

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