अमेरिकी सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरान पर लगातार 13वीं रात हमले किए हैं. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास के पश्चिम में विस्फोट की आवाज सुनी गई. वहीं, यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है.
इन घटनाओं से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है और ब्रेंट क्रूड 6 परसेंट से ज्यादा उछलकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो मई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है.
यह ताजा तनाव तब बढ़ा है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर टकराव तेज हो गया है, जबकि हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब (Bab el-Mandeb) में एक और अहम व्यापारिक मार्ग को खतरा पैदा कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर हूतियों ने जहाजों पर हमले जारी रखे, तो उन्हें बड़ी सैन्य सजा दी जाएगी.
इस बीच एक बार फिर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने नए हमलों की जानकारी दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके ताजा हमलों का मकसद क्षेत्रीय जल से गुजरने वाले आम नाविकों और कमर्शियल जहाजों को धमकाने की ईरान की क्षमता को और कम करना था, क्योंकि वाशिंगटन होर्मुज पर फिर से नियंत्रण पाने और शिपिंग को बहाल करने की कोशिश कर रहा है. ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया है.
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