अमेरिका में इमिग्रेशन का पेपरवर्क होगा खत्म! अब ऑनलाइन होगी फाइलिंग

अमेरिकी सरकार का कहना है कि इस बदलाव से ट्रेजरी की फिजिकल लॉकबॉक्स सेवाओं पर निर्भरता घटेगी, फीस का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान बढ़ेगा, धोखाधड़ी पकड़ना और पहचान प्रबंधन आसान होगा, आवेदन में गलतियां और देरी कम होंगी.

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अमेरिका में इमीग्रेशन के नियमों में बदलाव किया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर) अमेरिका में इमीग्रेशन के नियमों में बदलाव किया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:23 AM IST

अमेरिका जल्द ही ग्रीन कार्ड, नागरिकता और शरण जैसे इमिग्रेशन लाभों के लिए ऑनलाइन आवेदन को जरूरी बनाने वाला है. इसका मकसद कामकाज को ज्यादा असरदार बनाना और परिचालन लागत को कम करना है. वॉशिंगटन से आई जानकारी के मुताबिक, यह बदलाव उन फॉर्म पर लागू होगा जो पहले से ई-फाइलिंग के लिए मौजूद हैं.

फेडरल रजिस्टर में सोमवार को प्रकाशित नए नियम में अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा ने कहा है कि जिस फॉर्म के लिए कम से कम 180 दिनों से ई-फाइलिंग मौजूद है, उसे भरना अब अनिवार्य किया जा सकेगा. इसके साथ एक ऐसी प्रक्रिया भी तय की गई है, जिसके तहत कम से कम 60 दिनों की सूचना देकर किसी फॉर्म को सिर्फ ऑनलाइन किया जा सकेगा.

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किस नियम के तहत होगा बदलाव

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी एक अंतरिम अंतिम नियम लेकर आया है, जो यूएससीआईएस को कुछ इमिग्रेशन फॉर्म के लिए इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग अनिवार्य करने की छूट देता है. इस नियम के तहत भविष्य में ऐसे किसी भी इमिग्रेशन फॉर्म की फाइलिंग ऑनलाइन कराई जा सकती है, जो कम से कम 180 दिनों से ई-फाइलिंग के लिए मौजूद हो.

यूएससीआईएस किसी फॉर्म के लिए ई-फाइलिंग जरूरी करने से कम से कम 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचना देगा. आवेदन करने वालों को यूएससीआईएस में इमिग्रेशन फॉर्म जमा करने के लिए ऑनलाइन अकाउंट का इस्तेमाल करना होगा. वे या तो फॉर्म सीधे ऑनलाइन भर सकेंगे, या भरे हुए फॉर्म की पीडीएफ और उससे जुड़े सबूत अपलोड कर सकेंगे.

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सरकार को क्या फायदा होगा

इस पहल से अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की फिजिकल लॉकबॉक्स सेवाओं पर निर्भरता खत्म होगी और फीस के इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की तरफ तेजी से बदलाव होगा. सरकार का कहना है कि इससे संघीय ढांचे को अच्छी बचत होगी और कामकाज ज्यादा असरदार बनेगा. कागजी फॉर्म की तुलना में डेटा को लेना, सहेजना और इस्तेमाल करना आसान होने से धोखाधड़ी पकड़ने में मदद मिलेगी, पहचान प्रबंधन आसान होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा जांच भी तेज डेटा पहुंच और ज्यादा विश्लेषण क्षमता के साथ बेहतर होगी.

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सरकार के मुताबिक ई-फाइलिंग से गलतियां कम होंगी, अधूरे आवेदन घटेंगे और आवेदन पर फैसला लेने का समय भी कम होगा. इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा पारदर्शी और ज्यादा असरदार बनेगी. यूएससीआईएस के कई फॉर्म में इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग पहले से आम है और लाभ के लिए इलेक्ट्रॉनिक आवेदन करना कोई नई प्रक्रिया नहीं है. यह अंतरिम अंतिम नियम 11 अगस्त से लागू हो रही है.

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