रूस-यूक्रेन युद्ध के पांचवें वर्ष में यूक्रेन ने रूस में भीतर तक हमला करते हुए एक बड़े नैचुरल गैस प्रोसेसिंग प्लांट और दो महत्वपूर्ण सैटेलाइट संचार केंद्रों को निशाना बनाया है. यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने बुधवार को दावा किया कि रातभर चले इस ऑपरेशन में रूस के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया.
यह हमला यूक्रेन के उस हवाई अभियान का हिस्सा है जिसके तहत वह रूस के ऊर्जा ठिकानों और सैन्य उद्योगों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन अब पहले से कहीं अधिक दूरी तक मार करने वाले और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है।
यूक्रेनी सेना के अनुसार, हमले का प्रमुख लक्ष्य रूस का ओरेनबर्ग गैस प्रोसेसिंग प्लांट था. यह प्लांट दुनिया के सबसे बड़े गैस परिसरों में से एक माना जाता है और इसमें रूस का एकमात्र हीलियम उत्पादन प्लांट भी स्थित है. यूक्रेन का दावा है कि हमले के बाद परिसर में आग लग गई.
बता दें कि ओरेनबर्ग क्षेत्र यूक्रेन के मोर्चे से करीब 1,200 किलोमीटर दूर स्थित है. यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि यह प्लांट हीलियम और एथेन का उत्पादन करता है, जिनका उपयोग रॉकेट इंजन, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम, ठोस रॉकेट ईंधन और बारूद निर्माण में किया जाता है.
यूक्रेन ने यह भी दावा किया कि रातभर के हमलों में रूस के दो अहम सैटेलाइट संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया. इनमें मॉस्को के पास स्थित डुबना स्पेस कम्युनिकेशन सेंटर और व्लादिमीर क्षेत्र का एक अन्य संचार केंद्र शामिल है. यूक्रेन के अनुसार ये केंद्र रूसी सेना के संचार नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
हालांकि रूस की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और हमलों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है.
क्रीमिया पर बढ़ा यूक्रेन का दबाव
हाल के दिनों में यूक्रेन ने क्रीमिया को अपने हमलों का प्रमुख केंद्र बना लिया है. यूक्रेन का उद्देश्य रूसी नियंत्रण वाले इस रणनीतिक प्रायद्वीप की सैन्य आपूर्ति लाइनों को बाधित करना और वहां के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाना है. क्रीमिया के सेवास्तोपोल में रातभर हुए ड्रोन हमलों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबर है. वहीं यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने दावा किया है कि उसने क्रीमिया में दो सैन्य एयरबेस पर हमला कर मिसाइल सिस्टम नष्ट कर दिए हैं.
दोनों ओर से ड्रोन हमले जारी
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 323 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. दूसरी ओर यूक्रेनी वायुसेना का कहना है कि रूस ने उसके खिलाफ 101 लंबी दूरी के ड्रोन दागे. लगातार बढ़ रहे ड्रोन और मिसाइल हमले इस बात का संकेत हैं कि युद्ध अब केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
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