अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव के बीच ऐलान किया है कि इस साल के बाद अमेरिका इजरायल को हर साल मिलने वाली आर्थिक मदद बंद कर देगा. ट्रंप के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ 4 अरब डॉलर की सालाना सहायता रोकने पर सहमति बनी है.
हालांकि, ट्रंप ने यह साफ किया है कि अमेरिका इजरायल को हथियार बेचना जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी मदद भी करेगा. इस फैसले से दोनों देशों के दशकों पुराने सैन्य रिश्तों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव के बीच यह बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने साफ कहा कि इजरायल को अब वित्तीय सहायता की जरूरत नहीं है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस फैसले से इजरायल को अमेरिकी मदद देने को लेकर रिपब्लिकन पार्टी की आलोचना करने वाले वामपंथी डेमोक्रेट्स के तर्क कमजोर पड़ सकते हैं.
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के शो फॉक्स एंड फ्रेंड्स में कहा कि इस साल के अंत तक अमेरिका इजरायल को आर्थिक मदद देना बंद कर देगा. हालांकि, इजरायल को जरूरत पड़ी तो अमेरिका उसकी मदद करेगा. ट्रंप ने यह नहीं बताया कि दिसंबर तक यह फंडिंग कैसे बंद की जाएगी. दरअसल, अमेरिका और इजरायल के बीच मौजूदा समझौता सितंबर 2028 तक लागू है. इसके तहत अमेरिका हर साल इजरायल को 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देता है.
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यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में इजरायल को लेकर आलोचना बढ़ी है. डेमोक्रेट्स गाजा में इजरायल के सैन्य अभियानों को लेकर आलोचना करते आए हैं. सर्वे बताते हैं कि अमेरिका में अब कम अमेरिकी नागरिक इजरायल का समर्थन कर रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि अमेरिका मध्य पूर्व में इजरायल को जरूरत से ज्यादा मदद दे रहा है.
जून में क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी के एक सर्वे में सामने आया कि 48% अमेरिकी मतदाता और 66% डेमोक्रेट्स मानते हैं कि अमेरिका इजरायल का जरूरत से ज्यादा समर्थन कर रहा है. खास बात तो यह है कि यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) का नियंत्रण छिनने का खतरा है.
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