सऊदी अरब में शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के पूरे देश में इमरजेंसी अलर्ट बजे और सरकार ने "दुश्मन हवाई खतरे" की चेतावनी दी. राजधानी रियाद में कम से कम एक धमाके की आवाज भी सुनी गई. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यमन के हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों की निंदा की. वहीं शनिवार को ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक आदमी को फांसी दे दी.
सऊदी अरब में बजे अलर्ट
सऊदी अरब में शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक कई जगह इमरजेंसी अलर्ट बजे. रियाद में बजा यह अलर्ट यमन के ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों के साथ हाल में बढ़े तनाव के बाद राजधानी के लिए पहला अलर्ट था. राहत की बात यह रही कि अलर्ट हटा लिए जाने के बाद किसी के घायल होने या नुकसान होने की खबर नहीं आई. सऊदी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अलर्ट क्यों बजाए गए और धमाकों की वजह क्या थी. हालांकि इससे पहले वे हूती मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराने की जानकारी दे चुके हैं.
सुरक्षा परिषद की निंदा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार देर रात सऊदी अरब और व्यापारिक जहाजों पर हूती मिसाइल हमलों की निंदा की. परिषद ने कहा कि हूती विद्रोहियों की सैन्य बढ़त, हमले और धमकियां संघर्ष को और फैला सकती हैं. इससे समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी खतरा है. परिषद के मुताबिक ये हरकतें यमन में शांति के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती हैं. परिषद ने चेतावनी दी कि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो यमन में पहले से गंभीर मानवीय हालात और बिगड़ जाएंगे.
सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने "व्यावहारिक सहयोग" की अपील की. उनका कहना है कि हूती विद्रोहियों को हथियार, सैन्य ट्रेनिंग, पैसा और हमले करने के लिए दूसरी सैन्य मदद नहीं मिलनी चाहिए. साथ ही कहा कि हूती समूह पर लगे संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध को हर देश को सख्ती से लागू करना होगा.
ईरान में जासूसी के आरोपी को फांसी
उधर ईरान की सरकारी टीवी ने शनिवार को बताया कि हुसैन पेद्रम नाम के एक आदमी को फांसी दी गई. उसे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी का दोषी ठहराया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक पेद्रम ने ईरान के इस्फहान प्रांत में मौजूद "संवेदनशील सैन्य ठिकानों" की गोपनीय जानकारी इजरायल को दी. इन ठिकानों में मिसाइल अड्डे भी शामिल थे. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि उसे यह गोपनीय जानकारी कैसे मिली. पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ 12 दिन चली हवाई जंग के दौरान इन ठिकानों को निशाना बनाया गया था और उसके बाद पेद्रम को गिरफ्तार किया गया. ईरान में हाल के दिनों में फांसी की सजाएं बढ़ी हैं, जिस पर मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपत्ति जताई है.
भारत समेत दुनिया की बढ़ी चिंता
यमन में हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब और लाल सागर क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है. यह इलाका भारत के लिए भी अहम है, क्योंकि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब से होकर भारत का यूरोप और पश्चिमी देशों के साथ बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है. इस रूट पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ने से जहाजों की सुरक्षा, शिपिंग लागत और माल की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने का असर कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है. यही वजह है कि संकट का दायरा भारत समेत पूरी दुनिया के लिए चिंता बढ़ा रहा है.
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