मॉस्को पर अब तक सबसे बड़ा अटैक... यूक्रेन ने दागे 1000 से अधिक ड्रोन, दहल उठा रूस

रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ. इससे घटनास्थल पर आग लग गई. इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. रूसी अधिकारियों ने यूक्रेन पर आरोप लगाया है, जबकि यूक्रेन ने जिम्मेदारी नहीं ली है.

Advertisement
रूस में चुनाव के बीच यूक्रेन ने मॉस्को में 1 हजार से अधिक ड्रोन दागे. हमले में एक ऑयल रिफाइनरी में आग लग गई. (Photo-X/@ZelenskyyUa) रूस में चुनाव के बीच यूक्रेन ने मॉस्को में 1 हजार से अधिक ड्रोन दागे. हमले में एक ऑयल रिफाइनरी में आग लग गई. (Photo-X/@ZelenskyyUa)

aajtak.in

  • मॉस्को,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को में ड्रोन हमला हुआ है. यूक्रेन ने मॉस्को पर एक हजार से अधिक ड्रोन दागे. मॉस्को की एक ऑयल रिफाइनरी को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा है. हमले के बाद यहां आग लग गई. दूर से आग की लपटें और धुएं का गुबार दिखाई दिया. धमाकों की आवाज भी सुनाई दी.

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने रविवार को टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन ने मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने भी मेयर के हवाले से रिफाइनरी में नुकसान की जानकारी दी है. इस हमले में दो लोगों की मौत की भी खबर है.

Advertisement

वहीं न्यूज एजेंसियों ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जगह की पुष्टि की है. इन वीडियो में दूर एक जगह आग जलती दिख रही है. आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आ रहा है.

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि बीती रात मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई का रूस पर काफी असर हुआ. उन्होंने दावा किया कि रूस के एक अहम तेल उद्योग ठिकाने और एक लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया गया. 

Advertisement

जेलेंस्की के मुताबिक, इन ठिकानों से रूस की युद्ध मशीन को अरबों डॉलर की मदद मिलती है. कार्रवाई में FP-1, RZ-100, MICH-2000, Palianytsia, Vendetta, Liutyi, Bars, Flamingo, Sichen और Pelican जैसे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा, मानव रहित सिस्टम बल, विशेष अभियान बल, रक्षा खुफिया और विदेश खुफिया सेवा के जवानों को धन्यवाद दिया. 

उन्होंने कहा कि रूस के वोरोनिश क्षेत्र में एक ठिकाने पर प्रतिबंध भी लगाए गए हैं. जेलेंस्की ने मॉस्को से युद्ध खत्म कर शांति का रास्ता चुनने को कहा. उन्होंने कहा कि तनाव कम करने के रास्ते ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है.

यह भी पढ़ें: रूसी ड्रोन ने यूक्रेन के बस और रेलवे ठिकानों को बनाया निशाना, 5 लोगों की मौत
 
रूस में चुनाव के बीच हुआ हमला

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस में संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग का आज आखिरी दिन है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चुनाव को यूक्रेन युद्ध के लिए जनता के समर्थन की परीक्षा के तौर पर पेश किया है.

रूस में स्टेट ड्यूमा के लिए वोटिंग तीन दिनों से चल रही है. रविवार को इसका तीसरा और आखिरी दिन है. सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के चुनाव में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है.

Advertisement

दरअसल, यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पहला संसदीय चुनाव है. क्रेमलिन इस चुनाव के नतीजों को अपनी नीतियों और यूक्रेन युद्ध के लिए जनता के समर्थन के तौर पर पेश कर सकता है.

यूक्रेन पर ड्रोन हमले का आरोप

मॉस्को में हुए ड्रोन हमले का आरोप रूस ने यूक्रेन पर लगाया है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव जारी है. रूस पहले भी यूक्रेन पर ड्रोन हमलों के आरोप लगाता रहा है. इस बीच एक्स पर पोस्ट पर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इन हमलों की पुष्टि कर दी है.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने शुक्रवार को भी यूक्रेन पर चुनाव में दखल देने की कोशिश का आरोप लगाया था. उन्होंने रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के जापोरिज्जिया इलाके में एक चुनाव अधिकारी के घर पर हमले का जिक्र किया था. 

रूस के मुताबिक इस हमले में चुनाव अधिकारी एलेना अस्तानिना की मौत हुई. यूक्रेन ने रूस के चुनाव को पहले ही खारिज किया है. कीव ने इसे एक दिखावटी इलेक्शन बताया है. वहीं यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण वहां चुनाव स्थगित हैं.

रूस के चुनाव अधिकारियों ने शनिवार को मॉस्को में ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम पर साइबर हमले की भी जानकारी दी थी. चुनाव अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन मतदान व्यवस्था को निशाना बनाने की कोशिश हुई.

Advertisement

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी और जापान के PM की हुई मुलाकात, रूस यूक्रेन युद्ध पर दिया ये बयान

इस बीच रूस में चुनाव को लेकर सुरक्षा भी कड़ी रखी गई है. रूसी सरकार का कहना है कि पश्चिम के साथ मौजूदा टकराव के दौरान राष्ट्रीय एकता जरूरी है. रूसी सरकार यूक्रेन में चल रही सैन्य कार्रवाई को पश्चिम के साथ बड़े संघर्ष का हिस्सा बताती रही है.

युद्ध की थकान का भी दिख सकता है असर

रूस में चुनाव का नतीजा काफी हद तक तय माना जा रहा है. यूनाइटेड रशिया के सत्ता में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध और आर्थिक दबाव की वजह से लोगों में थकान का असर कुछ विपक्षी दलों को मिल सकता है.

बर्लिन स्थित नेस्ट थिंक टैंक ने कहा है कि चुनाव के दौरान कुछ ऐसे नतीजे भी सामने आ सकते हैं, जो क्रेमलिन के लिए असहज स्थिति पैदा करें. खासकर ऐसे समय में जब रूस आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है.

इस चुनाव में ज्यादातर युद्ध विरोधी उम्मीदवारों को मैदान में उतरने की इजाजत नहीं मिली. वहीं कुछ उदारवादी उम्मीदवारों ने युद्ध को लेकर अपनी चिंता जताई है. रूस में सेना को बदनाम करने या अधिकारियों के मुताबिक फर्जी खबर फैलाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ट्रंप ने रूसी तेल से जुड़े बिल पर किया साइन, भारत पर 100% टैरिफ का खतरा

ऐसे माहौल में मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हुआ ड्रोन हमला चुनाव के आखिरी दिन की बड़ी घटना बन गया है. फिलहाल हमले में नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है. साथ ही इस हमले के पीछे किसका हाथ था, इसे लेकर भी स्थिति साफ नहीं हुई है. इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »