बांग्लादेश ने भारत से सटी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई, रोहिंग्याओं पर नज़र

भारत के पश्चिम बंगाल राज्य से लगी हुई बांग्लादेश की सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. सीमा की निगरानी करने वाले सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें हाल के सप्ताह में आदेश दिया गया है कि वे बांग्लादेश में रोहिंग्याओं के प्रवेश पर नजर रखें.

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रोहिंग्या शरणार्थी (फाइल) रोहिंग्या शरणार्थी (फाइल)

BHASHA

  • बांग्लादेश,
  • 16 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

बांग्लादेश ने भारत के साथ लगी हुई अपनी पश्चिमी सीमा पर सैकड़ों रोहिंग्या शरणार्थियों के देश में प्रवेश की चिंता के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.

भारत के पश्चिम बंगाल राज्य से लगी हुई बांग्लादेश की सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. सीमा की निगरानी करने वाले सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें हाल के सप्ताह में आदेश दिया गया है कि वे बांग्लादेश में रोहिंग्याओं के प्रवेश पर नजर रखें.

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बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के एरिया कमांडर तरिकुल हकीम ने कहा कि पुतखाली सीमा चौकी पर रोहिंग्याओं की मौजूदगी दिख सकती है क्योंकि यहां सिर्फ एक छोटी सी नदी दोनों को एक-दूसरे से अलग करती है. लेफ्टिनेंट कर्नल हकीम ने कहा, ' हमने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई रोहिंग्या हमारे क्षेत्र में न आ सके.

वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के मीडिया सलाहकार इकबाल सोभन चौधरी ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों के एक तबके के आतंकी संपर्कों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि उनका देश किसी भी समूह को अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं करने देगा.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश पहले ही आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की अपनी नीति घोषित कर चुका है. चौधरी ने यहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को म्यांमार में मुस्लिमों के ‘‘जातीय सफाए’’ पर भारत द्वारा कोई रुख अपनाए जाने की उम्मीद है.

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सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर तक लगाई है रोक

बता दें कि हाल ही में रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश की सुरक्षा, आर्थिक हितों की रक्षा जरूरी है. लेकिन इसे मानवता के आधार से भी देखना चाहिए. हमारा संविधान मानवता के आधार पर बना है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा है कि वह अगली सुनवाई तक कोई एक्शन ना ले और ना ही रोहिंग्या को वापस भेजे. अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी.

गौरतलब है कि म्यांमार से भागकर आए लाखों शरणार्थियों को बांग्लादेश ने शरण दी है. बांग्लादेश के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि बांग्लादेश ने आर्थिक व जनसांख्यिकीय समस्या और म्यांमार के साथ लंबे समय से विवाद के बावजूद 10 लाख परेशानहाल विस्थापित रोहिंग्या लोगों को रहने के लिए आश्रय दिया है.

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