पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है. प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. प्रमुख रास्तों पर हजारों शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं, जबकि अस्पतालों को संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामाबाद और राजधानी की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर 2,000 से अधिक कंटेनर लगाए जा चुके हैं. कई स्थानों पर कंटेनरों को आपस में वेल्ड किया गया है और उनमें रेत-बजरी भरी जा रही है, ताकि प्रदर्शनकारी उन्हें आसानी से हटा न सकें. कुछ जगहों पर कंटेनरों के बाहरी हिस्से में लोहे की नुकीली कीलें लगाए जाने के दावे भी सामने आए हैं.
PTI का यह मार्च अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर बुलाया गया है. खान अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं. PTI ने इसके साथ ही संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं.
अस्पतालों में बेड खाली रखने के निर्देश
इस्लामाबाद के अस्पतालों को संभावित 'मास कैजुअल्टी' की स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैर-जरूरी सर्जरी स्थगित की जा रही हैं और जिन मरीजों की स्थिति स्थिर है, उन्हें छुट्टी देकर अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने की तैयारी है.
अस्पतालों के ब्लड बैंक को कम से कम 100 यूनिट रक्त का रिजर्व रखने, एंबुलेंस और उनके ड्राइवरों को तैयार रखने तथा दवाइयों, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. चिकित्सा, नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द किए जाने की खबर है. अस्पतालों को 30 सितंबर तक हाई अलर्ट पर रखा गया है.
20 हजार से ज्यादा अतिरिक्त पुलिसकर्मी
मार्च को देखते हुए पंजाब और सिंध से 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इस्लामाबाद बुलाने की तैयारी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब से करीब 19 हजार और सिंध से लगभग 1,950 पुलिसकर्मी भेजे जा रहे हैं. इसके अलावा पंजाब सरकार ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में पाकिस्तान रेंजर्स की तैनाती भी मांगी है.
D-Chowk को कंटेनरों की दोहरी परत से सील किए जाने की खबर है. NADRA चौक, सेरेना चौक, मैरियट चौक, जीरो पॉइंट, मार्गल्ला रोड और श्रीनगर हाईवे समेत इस्लामाबाद-रावलपिंडी को जोड़ने वाले कई रास्तों पर भी बैरिकेडिंग की गई है.
अटक पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि यह खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद आने का प्रमुख रास्ता है. खैबर पख्तूनख्वा में PTI की सरकार है और मार्च में बड़ी संख्या में समर्थकों के इसी दिशा से राजधानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
जमात-ए-इस्लामी और किसान संगठनों का भी समर्थन
PTI के मार्च को जमात-ए-इस्लामी का समर्थन मिला है. वहीं ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर जमात-ए-इस्लामी अलग से विरोध प्रदर्शन कर रही है. किसान संगठनों ने भी राजधानी की ओर मार्च करने की घोषणा की है. इनमें किसान इत्तेहाद पाकिस्तान और PTI का किसान विंग शामिल हैं.
इस बीच PTI नेताओं और इमरान खान के परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की तीनों बहनों अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उज्मा खान को Maintenance of Public Order (MPO) कानून के तहत हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेजा गया है. PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर ने दावा किया है कि देशभर में पार्टी के करीब 1,500 समर्थकों को हिरासत में लिया गया है.
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों को राजधानी की सड़कें बंद करने या सामान्य जनजीवन बाधित करने की अनुमति नहीं देगी. वहीं PTI का दावा है कि उसके लाखों कार्यकर्ता मार्च के लिए तैयार हैं. ऐसे में 27 सितंबर का मार्च इमरान खान की पार्टी और पाकिस्तानी प्रशासन के बीच एक बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है.
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