PAK के PM इमरान खान बोले- नवाज शरीफ को इंग्लैंड जाने देना 'गलती', हो रहा 'पछतावा'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को देश छोड़ने की अनुमति देना एक गलती थी. उनकी सरकार को शरीफ पर प्रतिबंध हटाने के फैसला करने पर पछतावा हो रहा है.

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (फाइल-पीटीआई) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (फाइल-पीटीआई)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 29 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST
  • इमरान बोले- हम शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं, वहीं से राजनीति कर रहे
  • शरीफ को इलाज के लिए नवंबर में विदेश जाने की अनुमति मिली थी
  • पूर्व पीएम की वापस लौटने की मियाद दिसंबर में ही खत्म हो गई थी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफसोस जताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को ब्रिटेन में चिकित्सा उपचार के लिए देश छोड़ने की अनुमति देना एक 'गलती' थी और उनकी सरकार को इस फैसले पर 'पछतावा' हो रहा है.

70 साल के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ को लाहौर हाई कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में इलाज के लिए लंदन जाने को चार सप्ताह की अनुमति दी थी जो दिसंबर में खत्म हो गई थी, लेकिन अब तक नहीं लौटे.

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तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा है कि जैसे ही डॉक्टर की ओर से उन्हें यात्रा करने की सलाह दी जाएगी वो स्वदेश लौट आएंगे. 

हो रहा पछतावाः इमरान

इमरान खान ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को देश छोड़ने की अनुमति देने का हिस्सा होने एक 'गलती' थी'. 

एक स्थानीय न्यूज चैनल एआरवाई न्यूज को दिए अपने इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा, 'शरीफ को पाकिस्तान छोड़ने की अनुमति देना उनकी ओर से एक 'गलती' है. उनकी सरकार को शरीफ पर प्रतिबंध हटाने के फैसला करने पर 'पछतावा' हो रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'अब हम शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं. अब वह (नवाज) वहां से भी राजनीति करने लगे हैं और जब आप उन्हें देखते हैं तो ऐसा लगता है कि उनके साथ कुछ भी (गलत) नहीं हुआ है.'

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लंदन में घूमते दिखे शरीफ

मई में, अपने परिवार के साथ लंदन के एक कैफे में शरीफ की चाय पीते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्यों के साथ उनके स्वास्थ्य पर एक बहस छिड़ गई और भ्रष्टाचार के मामलों का सामना करने के लिए उनके वापस लाने की मांग होने लगी. 

तस्वीर में, उन्हें अपनी पोतियों के साथ सड़क के किनारे एक कैफे में बैठे देखा गया था. उन्होंने एक नीले रंग की कमीज और टोपी पहन रखी थी और जाहिर तौर पर वह बेहतर स्वास्थ्य में दिख रहे थे.

सरकार उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गई जब पिछले हफ्ते शरीफ की तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वह सड़क पर टहलते हुए दिख रहे हैं जिससे सत्ता पक्ष के भीतर से उन्हें वापस बुलाने की मांग जोर पकड़ने लगी.

पीएम इमरान खान ने कहा कि शरीफ के इम्यून सिस्टम में खराबी होने का पता चला और उनकी बीमारी पर मंत्रिमंडल में चर्चा की गई थी और उन्हें इलाज के लिए बाहर भेजे जाने का निर्णय लिया गया था. उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी देखा है कि अगर शरीफ के साथ कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार होगी.

क्या फर्जी रिपोर्ट की जांच करेगी सरकार

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इमरान खान ने यह भी याद दिलाया कि नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज ने इस वादे के साथ 7 बिलियन रुपये क्षतिपूर्ति बांड के रूप में जमा कर रखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री वापस आएंगे.

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उन्होंने कहा कि हम जो कर सकते थे, हमने करने की पूरी कोशिश की, लेकिन हमारे सामने पेश की गई चिकित्सीय राय यह थी कि अगर हम कुछ नहीं करते, तो वह [नवाज] मर सकते हैं अगर वह लंदन नहीं पहुंचे. यह वही है जो हमें बताया गया था. उसके बाद, हमें जिम्मेदार ठहराया जाता. फिर हमने विश्वास के साथ उन्हें भेजा.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह शरीफ के स्वास्थ्य के बारे में 'फर्जी' रिपोर्ट पेश करने पर जांच का आदेश देंगे, पीएम इमरान ने कहा कि वह पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री यास्मीन राशिद के संपर्क में हैं जो शरीफ के स्वास्थ्य के बारे में रिपोर्ट बताने के लिए जिम्मेदार थे.

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नवाज शरीफ को अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में जमानत दी गई थी, जिसमें वह कोट लखपत जेल में सात साल की जेल की सजा काट रहे थे. उन्हें विदेश यात्रा में सुविधा देने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत भी दी गई थी.

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