'बॉर्डर पर स्थिति ठीक नहीं, चुनाव में जवान तैनात नहीं कर सकते...', इमरान खान को पाकिस्तानी आर्मी ने भी दिया झटका

रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को सीमाओं पर स्थिति और देश में सेना की तैनाती के साथ साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी. मंत्रालय ने आयोग को बताया कि सेना अपने प्राथमिक कर्तव्यों को महत्व देती है, और सीमाओं और देश की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है. देश में मौजूदा हालात के चलते इस समय पाकिस्तानी सेना चुनाव ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं है.

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पाकिस्तानी सेना (फाइल फोटो) पाकिस्तानी सेना (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 15 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, तो दूसरी ओर उन्हें पाकिस्तानी सेना से भी झटका लगा है. पाकिस्तान की सेना ने चुनाव में जवानों की तैनाती से इनकार कर दिया है. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि देश में बॉर्डर पर स्थिति ठीक नहीं है, ऐसे में चुनाव के दौरान सेना के जवानों की तैनाती नहीं की जा सकती. पाकिस्तान में जल्द चुनाव की मांग कर रही इमरान की पार्टी PTI के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. 

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग को बताया कि देश की स्थिति की मौजूदा वजह से चुनाव में सेना की तैनाती नहीं की जा सकती. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमाओं और देश की सुरक्षा सेना की पहली प्राथमिकता है. 

पाकिस्तान में तेज हुए आतंकी हमले

पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा विधानसभाओं में चुनाव को आयोग की बैठक हुई. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त  सिकंदर सुल्तान राजा,  रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल हमूद उज जमान खान, अतिरिक्त रक्षा सचिव मेजर जनरल खुर्रम सरफराज खान शामिल हुए. इस दौरान रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोग को देश की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. 

जियो टीवी के मुताबिक, पाकिस्तान पिछले कुछ महीनों से आतंकवादी घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है. इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान गई है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना देश भर में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. 

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बॉर्डर की सुरक्षा पहली प्राथमिकता- रक्षा मंत्रालय

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने मीटिंग के दौरान चुनाव आयोग को सीमाओं पर स्थिति और देश में सेना की तैनाती के साथ साथ  कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी. अधिकारियों ने आयोग को बताया कि सेना अपने प्राथमिक कर्तव्यों को महत्व देती है, और सीमाओं और देश की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है. देश में मौजूदा हालात के चलते इस समय पाकिस्तानी सेना चुनाव ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं है. 

पढ़ें: जिस तोशखाना पर फंसे इमरान खान, उसे लेकर भारत में क्या नियम हैं?
 
सेना पर भी आर्थिक स्थिति का प्रभाव पड़ रहा- रक्षा मंत्रालय

अधिकारियों ने कहा, देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का प्रभाव भी सेना पर पड़ा है. ऐसे में यह फैसला सरकार को लेना है कि वह सेना को सिर्फ बॉर्डर और सुरक्षा में तैनात रखेगी, या चुनाव ड्यूटी में भी तैनाती करेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सेना को चुनाव ड्यूटी दी जाती है, तो सैनिकों को त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआरएफ) मोड में तैनात किया जाएगा और सैनिकों की स्थिर तैनाती संभव नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 30 अप्रैल को होगा. इसके अलावा चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी गई है और नामांकन पत्र जमा किए जा रहे हैं. 

 

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