नेपाल में बाढ़ के बाद आई भारी तबाही में अब तक 587 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 1924 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद 290 भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश के प्रयास लगातार जारी हैं.
इस बीच, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को नेपाली सेना की टीम ने रेस्क्यू किया है. इस हाइड्रोपावर में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे. नेपाली सेना ने टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया है.
वहीं, नेपाल सरकार के प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों विश्लेषण से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर लेंडे नदी का बहाव पूरी तरह बंद हो गया है.
इस रुकावट के कारण तटीय क्षेत्र में एक अस्थायी झील बन गई है. नेपाल सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक झील का बांध टूटने से निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ आने का बड़ा खतरा बना हुआ है.
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री की तीसरी खेप काठमांडू पहुंच गई है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी दी. इस खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी गई है. इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल हैं. इसके साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम भी नेपाल पहुंच गई है. टीम में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और सुरंग बचाव के लिए रेकी टीम शामिल है. भारत नेपाल के राहत और बचाव अभियान में लगातार मदद कर रहा है.
श्रीलंका ने नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का फैसला किया है. श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे ने इस फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में दोस्तों और पड़ोसी देशों के साथ खड़ा होना सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए. जरूरत के समय मदद पहुंचाना ही सच्ची एकजुटता है. इस कठिन समय में मेरी प्रार्थनाएं नेपाल के लोगों के साथ हैं.
नेपाल में भोटेकोशी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है. इसे देखते हुए त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है. शुक्रवार रात चीन की ओर से जलस्तर बढ़ने की सूचना रसुवा पुलिस को मिली थी. इसके बाद बाढ़ पूर्वानुमान शाखा और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को अगली सूचना तक सतर्क रहने को कहा है.
नेपाल सरकार बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के काम में विदेशी एजेंसियों को शामिल होने की अनुमति दे सकती है. सरकार की ओर से इस दिशा में जल्द फैसला लिए जाने की संभावना है. इससे प्रभावित इलाकों में चल रहे बचाव अभियान को अतिरिक्त मदद मिल सकती है.
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने कंटेनर ट्रक कारोबार को भारी नुकसान पहुंचाया है. बाढ़ में 400 से ज्यादा कंटेनर ट्रक बह गए हैं. इन ट्रकों के चालक, सहचालक, मजदूर और व्यापारी समेत 1,000 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. ये लोग त्योहारों के लिए सामान लेने रसुवागढ़ी-केरुंग नाके पर पहुंचे थे. नेपाल ट्रक कंटेनर व्यवसायी संघ के मुताबिक, 400 से ज्यादा चालक ही लापता हैं. सहचालक, व्यापारी और कस्टम एजेंटों को जोड़ने पर यह संख्या और बढ़ सकती है. बाढ़ से कई दूसरे इलाकों के वाहन भी फंसे हैं. ऐसे में नुकसान का सही आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि अचानक आई बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं. उन्होंने बताया कि यूरोप नेपाल को तुरंत 2 मिलियन यूरो की मानवीय सहायता दे रहा है.इस मुश्किल समय में यूरोप नेपाल के साथ खड़ा है. इस राशि से बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवारों और समुदायों तक जरूरी राहत पहुंचाई जाएगी.
नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ऊपर बनी दो झीलों पर अधिकारियों की नजर बनी हुई है. नेपाल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों झीलों के पूरी तरह खाली होने तक बाढ़ का खतरा बना रहेगा. इनमें से एक झील शुक्रवार को ओवरफ्लो होने लगी थी. सैटेलाइट तस्वीरों से दोनों झीलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. वहीं, नीचे की ओर कैमरे और सेंसर लगाने की तैयारी कर रहा है, ताकि पानी के स्तर में बदलाव की तुरंत जानकारी मिल सके.
चीन से आज कुल 149 भारतीय नागरिक सीमा पार कर नेपाल पहुंचे हैं. नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान के बीच इन भारतीयों के सुरक्षित नेपाल पहुंचने की जानकारी सामने आई है.
हिमालयी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल और चीन ने शुक्रवार को राहत और बचाव अभियान फिर शुरू कर दिया. दरअसल, झील में पानी बढ़ने और उसके ओवरफ्लो होने से कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था. खतरा कम होने के बाद अभियान दोबारा शुरू किया गया. बुधवार को ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ में नेपाल में 587 और चीन के तिब्बत में 5 लोगों की मौत हो चुकी है. दोनों देशों में करीब 1,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
नेपाल फ्लैश फ्लड के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद आंध्र प्रदेश के 28 तीर्थयात्री शुक्रवार को स्वदेश लौटने की तैयारी में हैं. फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बीच उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. सभी तीर्थयात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान नेपाल के अधिकारी और सुरक्षा बल चला रहे हैं. भारत पहुंचे 21 लोगों के एक समूह को भी नेपाल की सेना ने ही रेस्क्यू किया था. भारत सरकार नेपाल को हर संभव मदद दे रही है. भारत की ओर से जो भी सहयोग नेपाल सरकार को दिया जा सकता है, वह लगातार किया जा रहा है.
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहा राहत और बचाव अभियान फिलहाल रोक दिया गया है. शुक्रवार को सेना के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बांध जैसी स्थिति में जमा झील का पानी ओवरफ्लो होने लगा है. इसके बाद अगले 90 मिनट के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकने का फैसला लिया गया. बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में हेलिकॉप्टर से चलाया जा रहा बचाव अभियान भी रोक दिया गया है. इस बीच इलाके के स्थानीय लोगों को पहाड़ी की ओर जाते देखा गया. अधिकारियों को झील से बढ़ते पानी के कारण खतरे की आशंका है. हालात को देखते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल के लिए भारत की तीसरी राहत उड़ान रवाना हो रही है. इस उड़ान के साथ भारत नेपाल को अब तक करीब 60 टन राहत सामग्री भेज चुका होगा. इसमें आपदा से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है. भारत की टीमें राहत और बचाव कार्य में नेपाल की मदद कर रही हैं. सरकार का फोकस फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने और उन्हें जल्द भारत वापस लाने पर है.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन की तरफ मौजूद करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद भारत सरकार लगातार राहत और बचाव अभियान में मदद कर रही है. मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में सुरंग से लोगों को निकालने के लिए एक रेस्क्यू टीम भेजी जाएगी. इसके अलावा मेडिकल टीम भी नेपाल भेजी जाएगी. नेपाल से बचाए गए भारतीय नागरिकों को वापस लाने की व्यवस्था भारत सरकार और भारतीय दूतावास मिलकर कर रहे हैं.
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद अब तक 547 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं 27 पुलिसकर्मी अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान के दौरान 1,403 लोगों को घायल अवस्था में बचाया गया है. इनमें से कई लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया. काठमांडू घाटी के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद 94 घायलों को छुट्टी भी दी जा चुकी है. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, 28 अगस्त को दोपहर 3:30 बजे तक प्रभावित इलाकों से 121 विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें भारत के 85 नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा चीन के 16, दक्षिण कोरिया के 9, अमेरिका और रूस के 2-2 तथा इटली के 2 नागरिकों को भी बचाया गया है. बुल्गारिया और स्विट्जरलैंड के एक-एक नागरिक भी सुरक्षित निकाले गए हैं. तीन यात्रियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की. उन्होंने नेपाल में हाल ही में आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हुई जनहानि पर दुख जताया. शहबाज शरीफ ने कहा कि इस मुश्किल समय में पाकिस्तान नेपाल की सरकार और जनता के साथ पूरी तरह खड़ा है. उन्होंने नेपाल को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया. साथ ही बताया कि पाकिस्तान राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए आपातकालीन राहत सामग्री भेज रहा है.
नेपाल में बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. रेड क्रॉस के एक अधिकारी के मुताबिक, कम से कम 93,000 लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है. रेड क्रॉस ने दूसरी बार बाढ़ आने के खतरे को लेकर भी चिंता जताई है. अधिकारी ने कहा कि संभावित सेकेंडरी फ्लड को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 117 पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया है. नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 85 भारतीय नागरिक हैं. रेस्क्यू किए गए लोगों में 16 चीन, 9 दक्षिण कोरिया, 2 अमेरिका और 2 इटली के नागरिक शामिल हैं. वहीं, 3 लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है.
नेपाल में भीषण बाढ़ और आपदा के बीच सरकार ने राहत कार्यों के लिए बड़ा फैसला लिया है. नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि प्रधानमंत्री और सभी मंत्री अपना एक महीने का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे. सरकार की ओर से यह राशि आपदा प्रभावित लोगों की मदद और राहत-बचाव कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी.
गोपालगंज के डीएम समीर सौरभ ने बताया कि नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के दौरान करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी जिले में आया था, लेकिन तटबंध मजबूत रहने से कोई नुकसान नहीं हुआ. अब पानी घट गया है और स्थिति सामान्य है.
चीन में भीषण भूस्खलन के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्यों को लेकर अहम बैठक की. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के महासचिव शी जिनपिंग ने शुक्रवार को पार्टी नेतृत्व की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजांग (तिब्बत) स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में आए विनाशकारी भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की तैयारियों पर चर्चा हुई.
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद फंसे भारतीयों के परिजनों की मदद के लिए उपराष्ट्रपति सचिवालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. उपराष्ट्रपति सचिवालय के मुताबिक, बड़ी संख्या में परिजन अपने प्रियजनों की स्थिति जानने के लिए फोन कर रहे हैं. बेहतर समन्वय के लिए मदद चाहने वाले लोग +91 11 23094954 पर संपर्क कर सकते हैं. वहीं, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117
बाढ़ प्रभावित इलाके में एक JCB ड्राइवर ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें पानी का स्तर बढ़ने के कारण सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए थे. ड्राइवर के मुताबिक, उन्हें अपनी मशीनरी के साथ सुरक्षित जगह पर इंतजार करने और अगले निर्देश मिलने तक काम शुरू नहीं करने को कहा गया था. उन्होंने बताया कि सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकाल लिया गया है.
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से उबरने के बीच नुवाकोट के धुंडे बाजार में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. अधिकारियों ने लोगों को नदी किनारे से हटाकर सुरक्षित जगह जाने को कहा है. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक ऊपर से पानी छोड़े जाने या ग्लेशियर टूटने के बाद अगले कुछ मिनटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें: '20 मिनट में यहां पानी पहुंचने वाला है', 5 गुना बड़ा खतरा, पैनिक मोड में नेपाल के लोग
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी बाढ़ के बाद लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 18 मजदूर पिछले तीन दिनों से फंसे हैं. नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन लैंडिंग नहीं हो सकी. एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है. नेपाल में 13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और 15 हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में लगाए गए हैं. पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें: 3 दिन से मौत के मुहाने पर 18 मजदूर... हेलीकॉप्टर आया, लेकिन रेस्क्यू नहीं हो सका- VIDEO
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से रेस्क्यू किए गए तमिलनाडु के 21 लोग काठमांडू पहुंच गए हैं. यहां नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने उनसे मुलाकात कर उनकी सेहत और हालचाल की जानकारी ली. रेस्क्यू किए गए सभी 21 लोग जल्द ही भारत लौटेंगे. ये लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे और बाढ़ के बाद प्रभावित इलाके में फंस गए थे.
नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. सोशल मीडिया पर वायरल 41 सेकेंड के वीडियो में कुछ लोग बाढ़ में मारी गई एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालते नजर आ रहे हैं. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें: नेपाल में कुदरत के तांडव के बीच इंसानियत शर्मसार... बाढ़ में बहे महिला के शव से सोने की बालियां चुराते दिखे लोग, आरोपी गिरफ्तार
नेपाल में भीषण बाढ़ के दो दिन बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे करीब 100 लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
नेपाल सरकार ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद विदेशी रेस्क्यू टीम भेजने के कई देशों के प्रस्ताव ठुकरा दिए हैं. सरकार का कहना है कि नेपाली सुरक्षा एजेंसियां सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन संभालने में सक्षम हैं.
नेपाल ने भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कई देशों की ओर से सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमें भेजने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. सरकार का कहना है कि नेपाली सुरक्षा एजेंसियां चल रहे बचाव अभियान को संभालने में सक्षम हैं.
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में कम से कम 359 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग लापता हैं. इनमें कई विदेशी पर्यटक, ट्रेकर्स और कैलाश मानसरोवर यात्री शामिल हैं. यह भी पढ़ें: बाढ़ से महाविनाश... नेपाल जलप्रलय में किस देश के कितने नागरिक फंसे? देखें पूरी लिस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेपाल को हर तरह की मदद की पेशकश की. उन्होंने नेपाल में आई इस तबाही को भयानक बताया और कहा कि वॉशिंगटन नेपाल के नेताओं के संपर्क में है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नेपाल को मदद की पेशकश की है और आपदा से प्रभावित देश के लिए मदद की तैयारी कर रहा है.
नेपाल में त्रासदी के बीच भोपाल से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है. भोपाल की रहने वाली देविका अधिकारी के परिवार के चार सदस्य उनके बड़े भाई, छोटे भाई और दोनों भाभी नेपाल हादसे के बाद से संपर्क में नहीं हैं. देविका ने बताया कि आखिरी बातचीत में उनके बड़े भाई ने कहा था कि सभी की जान खतरे में है और वे पहाड़ पर जाकर छिपे हुए हैं. यहां पढ़ें: 'सबकी जान खतरे में है...', नेपाल की तबाही के बीच भोपाल से आई चिंताजनक खबर, पहाड़ पर छिपे एक परिवार के चार लोग
त्रिशूली नदी तिब्बत से निकलने वाली नदी है. ये नदी तिब्बत से नेपाल आती है. यह नदी अपने तेज बहाव और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए मशहूर रही है. लेकिन बुधवार को इसी त्रिशूली नदी में ऐसा तूफान और प्रलय आया, जिसने तबाही ला दी.
यह भी पढ़ें: घर के घर बहे, नेपाल में आई बाढ़ में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज तबाह, त्रिशूली में प्रलय
नेपाल बाढ़ में महाराष्ट्र के कम से कम 114 पर्यटकों के वहां फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, इनमें से 53 पर्यटकों के 'सागा मानसरोवर' क्षेत्र में सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है.
इस बीच, बाढ़ में फंसे 114 लोगों में से लगभग 61 पर्यटक 'रिचा टूल्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की ट्रैवल एजेंसी के जरिए यात्रा पर गए थे, वहीं, बाकी लोग व्यक्तिगत रूप से नेपाल पहुंचे थे.
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं.