फ्रांस में G7 समिट के लिए पहुंचे ट्रंप, PM मोदी भी स्लोवाकिया से पहुंच रहे, मेगा मुलाकात कल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी की घोषणा की है. स्लोवाकिया ने यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है. इसके अलावा, स्लोवाकिया ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की सदस्यता का भी समर्थन किया है.

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भारत–स्लोवाकिया मित्रता को मिली नई मजबूती (Photo: X/@narendramodi) भारत–स्लोवाकिया मित्रता को मिली नई मजबूती (Photo: X/@narendramodi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोपीय देश स्लोवाकिया की यात्रा पर थे. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा तिरंगे के रंग में नजर आई. पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय संबंधों के साथ ही भारत और स्लोवाकिया की आपसी साझेदारी को आगे ले जाने पर चर्चा की.

पीएम मोदी को ब्रातिस्लावा के बाद फ्रांस रवाना होना है. पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में 16 और 17 जून को आयोजित G7 देशों की बैठक में शामिल होंगे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी फ्रांस पहुंच गए हैं. G7 से अलग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की बैठक 17 जून को होनी है.

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इससे पहले, दोनों देशों ने प्रधानमंत्रियों की वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया. दोनों नेताओं ने वैश्विक संस्थाओं में बड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया है, जिससे उन्हें अधिक प्रतिनिधि, समावेशी और आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाने वाला बनाया जा सके. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी, दोनों श्रेणियों के विस्तार को जरूरी बताया है.

तिरंगे के रंग में रंगा ब्रातिस्लावा कैसल (Photo: Pranay Upadhyay)

संयुक्त बयान में स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया है. वहीं, भारत ने स्थायी सदस्यता का निरंत समर्थन करने के लिए स्लोवाकिया की सराहना की है.

वैश्विक मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमति

पीएम मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फिको, दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को मुख्य केंद्र मानते हुए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई. दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि हम वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का साथ देंगे. गौरतलब है कि भारत लंबे समय से 15 सदस्यों वाले सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए दावेदारी कर रहा है.

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अपने दावे के समर्थन में भारत का कहना है कि UNSC का मौजूदा स्ट्रक्चर पुराना हो चुका है और ये आज के समय की हकीकत को नहीं दिखाता है. भारत की इस मांग को कई यूरोपीय देशों और G4 समूह ब्राजील, जर्मनी और जापान का भी समर्थन हासिल है. इस समय यूएनएससी में पांच स्थायी सदस्य हैं- चीन, फ्रांस, रूस, यूके और यूएस. 10 अस्थायी सदस्य भी इस काउंसिल के सदस्य हैं.

ऐतिहासिक यात्रा से मजबूत हुए रणनीतिक रिश्ते

सिक्योरिटी काउंसिल के अलावा, स्लोवाकिया ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में भी भारत की सदस्यता का समर्थन किया है. NSG दुनिया के 48 देशों का एक बड़ा परमाणु व्यापार नियंत्रण समूह है. साल 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ये पहली स्लोवाकिया यात्रा है. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक हफ्ते की यूरोप यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे थे.

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