पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब के बाहर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया है. ये लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुई हिंसा के खिलाफ एकजुटता जताने के लिए इकट्ठा हुए थे. प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्लेकार्ड और पीओके के झंडे थे और वे नारे लगा रहे थे.
जैसे ही रैली शुरू हुई, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों को अपनी गाड़ियों में बिठाया और प्रदर्शन को खत्म करा दिया.
यह विरोध प्रदर्शन PoK में क्षेत्रीय चुनावों के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद हुआ. कुछ नेताओं का दावा है कि दूसरे दौर की वोटिंग से पहले सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.
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27 जुलाई को रावलाकोट और कोटली में हिंसा भड़की थी. कोटली में विरोधी राजनीतिक गुटों के बीच झड़प में एक कार्यकर्ता की मौत हुई. JAAC का दावा है कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में कई लोग मारे गए और कई घायल हुए. पुलिस के मुताबिक उनके दो जवान भी घायल हुए थे.
रावलाकोट में विरोध प्रदर्शन के लिए कई स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे थे, जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने कथित तौर पर उन पर गोलियां चला दीं, जिससे कई लोगों की मौत हो गई.
कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि इस हिंसा के बाद PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दी गई. बता दें, जून की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर यहां विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले हैं. इनमें धरने, प्रदर्शन और सार्वजनिक परिवहन, दुकानों और अन्य व्यवसायों को बंद रखा गया.
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