4,600 करोड़ की महंगी मरम्मत! फिर भी Buckingham Palace में क्यों नहीं रहेगा शाही परिवार?

बकिंघम पैलेस का करीब 4,600 करोड़ रुपये का भारी-भरकम रिनोवेशन अगले साल पूरा होने वाला है, लेकिन इस महंगे काम के बाद भी किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला यहां नहीं रहेंगे.

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किंग 2003 से क्लेरेंस हाउस में रह रहे हैं. (File Photo/Reuters) किंग 2003 से क्लेरेंस हाउस में रह रहे हैं. (File Photo/Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

बकिंघम पैलेस की मरम्मत का 10 साल का काम जिसके लिए 'सॉवरेन ग्रांट' (शाही परिवार के आधिकारिक कामों के लिए मिलने वाली रकम) में अस्थायी बढ़ोतरी करके फंड जुटाया गया था. वह अगले साल मार्च में पूरा होने वाला है.

जब बकिंघम पैलेस की करीब 4,600 करोड़ की मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा, तब किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला वहां नहीं रहेंगे. हालिया रॉयल अकाउंट्स से यह जानकारी सामने आई है.

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यह पैलेस, जो 1837 से यूके के शासक का लंदन में आधिकारिक निवास रहा है, राजशाही का प्रशासनिक मुख्यालय तो बना रहेगा, लेकिन किंग ने तय किया है कि पास ही स्थित क्लेरेंस हाउस ही उनका आधिकारिक घर रहेगा.

अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला आंशिक रूप से इसलिए लिया गया है ताकि आम लोग इस मशहूर जगह को ज्यादा देख सकें.

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आग लगने और पानी से होने वाले नुकसान की आशंकाओं के चलते, मरम्मत के दौरान पुरानी हो चुकी केबल, लेड पाइप, वायरिंग और बॉयलर बदले जाएंगे. इनमें से कई चीजें 60 साल में पहली बार बदली जाएंगी.

किंग 2003 से क्लेरेंस हाउस में रह रहे हैं, जो सेंट जेम्स पैलेस के बगल में है और कभी क्वीन मदर का घर हुआ करता था. 2005 में शादी के बाद से वे वहां क्वीन के साथ रह रहे हैं.

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बीबीसी के मुताबिक लिब डेम के पूर्व होम ऑफिस मंत्री नॉर्मन बेकर ने बताया कि बकिंघम पैलेस में पर्यटकों के टिकटों से होने वाली कमाई सरकारी खजाने में जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, इससे हर साल लाखों की कमाई होती है, इसलिए अगर वे बकिंघम पैलेस में नहीं रह रहे हैं, तो उन्हें इसे जनता के लिए खोल देना चाहिए. साथ ही साल के 12 महीनों में पर्यटकों से मिलने वाला सारा पैसा राजकोष में जाना चाहिए ताकि मरम्मत का खर्च उठाया जा सके.

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