केन्या में भयंकर सूखा! सामने आईं दिल दहला देने वाली तस्वीरें

केन्या भयंकर सूखे का प्रकोप झेल रहा है. पानी और भोजन की कमी से वहां के वन्यजीव मारे जा रहे हैं. किसानों पर भी सूखे का प्रतिकूल असर हो रहा है. जिराफों के मरने की कुछ तस्वीरें सामने आईं हैं जो दिल दहला देने वाली हैं.

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केन्या में सूखे का असर वहां के जिराफों पर हो रहा है केन्या में सूखे का असर वहां के जिराफों पर हो रहा है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST
  • केन्या में भयंकर सूखा
  • मृत जिराफों की दर्दनाक तस्वीरें आईं सामने
  • किसानों पर भी पड़ी सूखे की मार

केन्या गंभीर सूखे की स्थिति से गुजर रहा है. देश में सूखे का असर वहां के जिराफों पर भी पड़ा है. भूख-प्यास से मृत पड़े कुछ जिराफों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आईं हैं. जिन तस्वीरों को इंटरनेट पर शेयर किया जा रहा है, उसमें केन्या के उत्तर-पूर्वी शहर वजीर में साबुली वन्यजीव अभ्यारण्य के अंदर छह जिराफ मृत पड़े हुए हैं. 

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ये तस्वीर भोजन और पानी की कमी से कमजोर हुए जिराफों के मरने के बाद ली गई हैं. बताया जा रहा है कि जिराफ पास के लगभग सूखे जलाशय से पानी पीने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान वो कीचड़ में फंस गए जिससे उनकी मौत हो गई. वहां से उनके शवों को एक अलग स्थान पर ले जाया गया जहां तस्वीरें ली गईं. जलाशय के पानी को दूषित होने से बचाने के लिए शवों को वहां से हटा दिया गया है.

तस्वीर- Getty Images

एक अन्य तस्वीर में आइरिब गांव के सहायक प्रमुख अब्दी करीम को छह जिराफों के शवों को देखते हुए दिखाया गया है. ये इलाका साबुली वन्यजीव संरक्षण में आइरिब गांव के बाहरी इलाके में स्थित हैं. ये तस्वीर 10 दिसंबर को ली गई थी.

तस्वीर- Getty Images

अलजजीरा के मुताबिक, सितंबर से केन्या के उत्तरी हिस्से में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है और इसी कारण से ये इलाका गंभीर सूखे की मार झेल रहा है. बारिश की कमी का इलाके के वन्यजीव पर बेहद बुरा असर हुआ है. इलाके में जंगली जानवरों के खाने-पीने की कमी हो गई है. पशु पालने वाले किसानों की आजीविका पर भी इस सूखे का बेहद प्रतिकूल असर हुआ है.

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केन्या की समाचार वेबसाइट 'द स्टार' को बोर-अल्गी जिराफ अभयारण्य के इब्राहिम अली ने बताया कि इस सूखे का खतरा सबसे ज्यादा जंगली जानवरों को है. उन्होंने कहा कि पालतू जानवरों की देखभाल की जा रही थी, लेकिन वन्यजीवों की नहीं, और इसीलिए वे सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि नदी के किनारे खेती की जा रही है जिसने जिराफों को पानी तक पहुंचने से रोक दिया है. इससे स्थिति और खराब हो गई है. 'द स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, सूखे से 4,000 जिराफों के मारे जाने का खतरा है.

तस्वीर- Getty Images

केन्या में सूखे का असर केवल जानवरों पर ही नहीं बल्कि वहां के लोगों पर भी हो रहा है. देश के सूखा प्रबंधन प्राधिकरण ने सितंबर में चेतावनी दी थी कि देश में गंभीर सूखे के कारण लगभग 21 लाख केन्याई भुखमरी का सामना कर रहे हैं. राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा ने सितंबर में ही सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया था.  

मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 29 लाख लोगों को अभी भी मानवीय सहायता की तत्काल आवश्यकता है. केन्या के कुछ इलाकों में हाल के दशकों में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है. इस बीच, केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण ने पिछले हफ्ते सूखे से प्रभावित 25 लाख लोगों के लिए एक आपातकालीन राहत कैश ट्रांसफर प्रोग्राम की घोषणा की है. 

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