जंग के 6 दिनों में ईरान-अमेरिका-इजरायल और खाड़ी देशों को कितना नुकसान हुआ? 10 Points

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग छठवें दिन भी जारी है. इस भीषण महायुद्ध में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने और मिसाइल हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में मानवीय और आर्थिक नुकसान का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है.

Advertisement
ईरान-इजरायल जंग में सैकड़ों मौतें हुई हैं. (Photo: Reuters) ईरान-इजरायल जंग में सैकड़ों मौतें हुई हैं. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

ईरान पर 28 फरवरी को यूएस-इजरायल अटैक के बाद मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान जंग का असर कई खाड़ी देशों पर हुआ है क्योंकि अमेरिकी ठिकानों पर तेहरान का हमला लगातार जारी है. एक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिसमें 87 शव बरामद किए गए हैं. 

Advertisement

अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार को शुरू किए गए हमलों के बाद ईरान में मरने वालों की संख्या 1,045 तक पहुंच गई है. लेबनान में 60 से ज्यादा और इजरायल में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हुई है. छह अमेरिकी सैनिक भी इस संघर्ष में अपनी जान गंवा चुके हैं. 

वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने का प्रोग्राम स्थगित कर दिया गया है. यह जंग अब नेतृत्व, मिसाइल ठिकानों और परमाणु कार्यक्रमों को निशाना बनाते हुए एक अनिश्चितकालीन संघर्ष में बदल गया है.

10 प्वाइंट्स में समझें पूरी कहानी

  1. मिडिल ईस्ट मीडिया के मुताबिक, अब तक इस जंग में ईरान में 1045, लेबनान में 50, इजरायल में 11, जॉर्डन में 5, कुवैत में 4, यूएई में 3, बहरीन और ओमान में एक-एक मौतें हुई हैं. वहीं, कुवैत में स्थित यूएस एंबेसी पर हुए ईरानी हमले में कुल 6 सैनिकों की मौत हुई है.
  2. इजरायल और अमेरिका ने ईरान के आंतरिक सुरक्षा कमांड और 'बसीज' बल से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया है. इजरायल का टार्गेट इन हमलों के जरिए ईरान के सुरक्षा तंत्र को कमजोर करना है. 
  3. तेहरान में सरकारी टेलीविजन ने उन इमारतों के खंडहर दिखाए हैं, जो हमलों में तबाह हो गई हैं. कौम (Qom) शहर में उस इमारत को भी निशाना बनाया गया, जहां मौलवियों का पैनल अगले सुप्रीम लीडर का सेलेक्शन करने वाला था. 
  4. हमलों की वजह से ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है.
  5. जंग का असर अब ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे खित्ते में फैल गया है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत और इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं. 
  6. होरमुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद आग लग गई. युद्ध की वजह से इस रणनीतिक मार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही 90 फीसदी तक गिर गई है. इससे ग्लोबल लेवल पर तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. ईरान ने धमकी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो क्षेत्र के पूरे सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा.
  7. अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा है कि इस ऑपरेशन की कोई निश्चित समय सीमा नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि यह तीन, छह या आठ हफ्ते तक भी चल सकता है. 
  8. इजरायली रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि यह हमला मूल रूप से जून 2026 के लिए तय था, जिसे विशेष परिस्थितियों के चलते फरवरी में ही शुरू करना पड़ा. 
  9. मिडिल ईस्ट में लाखों यात्री फंसे हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पूरी तरह चरमरा गई है. 
  10. दुनिया भर के शेयर बाजार इस आशंका में डूबे हैं कि तेल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं.
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement