वेनेजुएला पर धावा बोलने वाले हैं ट्रंप? लैटिन अमेरिकन जलक्षेत्र में की एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती

यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन का मूल उद्देश्य निकोलस मादुरो को वेनेजुएला की सत्ता से हटाना है या सिर्फ ड्रग ट्रैफिकिंग पर नियंत्रण करना. अगर वेनेजुएला युद्ध में जाता है, तो वैश्विक तेल-बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ेगा क्योंकि वह दुनिया का प्रमुख तेल-उत्पादक देश है.

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अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में पहुंचा. (Photo: AP) अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में पहुंचा. (Photo: AP)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 12 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:08 AM IST

क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला पर हमला करने वाले हैं? ये आशंका इसलिए जताई जा रही है क्योंकि मंगलवार को अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ट लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में पहुंच गया, जिससे इस इलाके में सैन्य जमावड़े में इजाफा हुआ है. वेनेजुएला ने इसे पूर्ण युद्ध का खतरा बताते हुए अपनी ओर से सैन्य तैनाती का ऐलान किया है. यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है. लैटिन अमेरिकन और कैरेबियन सागर यूएस नेवी के साउदर्न कमांड के अंतर्गत आता है. यूएस नेवी ने एक बयान में कहा कि यह तैनाती लगभग तीन सप्ताह पहले ड्रग तस्करी के खिलाफ की गई थी.

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पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) के प्रवक्ता शॉन पर्नेल ने कहा, 'इस क्षेत्र में यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड की मौजूदगी अमेरिका की क्षमता को मजबूत करेगी, ताकि ड्रग तस्करों और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके, उनकी निगरानी की जा सके और उन्हें खत्म किया जा सके. इस रास्ते से होने वाली ड्रग तस्करी अमेरिका की सुरक्षा को खतरे में डालती है.' डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत जलक्षेत्र में अमेरिका की सैन्य तैनाती लगातार बढ़ा रहा है, जिसमें नौसेना और वायुसेना शामिल हैं. 

निकोलस मादुरो को तख्तापलट का डर

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को डर है कि यह सैन्य तैनाती- जिसमें पुर्टो रिको में तैनात एफ-35 स्टील्थ युद्धक विमान और कैरेबियन सागर में अमेरिकी नौसेना के 6 जहाज शामिल हैं, उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए हो रहा है. अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों ने आरोप लगाया है कि निकोलस मादुरो ने धोखाधड़ी करके वेनेजुएला में पिछले दो चुनावों में जीत हासिल की है. वहीं मादुरो ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप प्रशासन 'युद्ध का बहाना' गढ़ रहा है. 

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अब गिने-चुने बचे हैं मादुरो के दिन: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो की सरकार पर कोलंबिया, कैरेबियन व अन्य समुद्री मार्गों से अमेरिका में ड्रग्स भेजने, हथियारों के अवैध लेन-देन में संलिप्तता का आरोप लगाया है. वहीं निकोलस मादुरो का आरोप है कि अमेरिका उनकी सरकार का तख्तापलट करना चाहता है. गत 2 नवंबर को ट्रंप ने कहा था कि वेनेजुएला के साथ युद्ध की संभावना बहुत कम है, लेकिन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के दिन गिने-चुने बचे हैं. अमेरिकी सेनाओं ने सितंबर की शुरुआत से लैटिन अमेरिकन जलक्षेत्र में कम से कम 20 जहाजों पर हमले किए हैं, जिसमें 76 लोगों की मौत हुई है. 

मादुरो ने दी अमेरिका मार्च की चेतावनी

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया कि देश लैटिन ड्रग गिरोहों के साथ सशस्त्र संघर्ष में है. उन्होंने इन ड्रग कार्टेल को आतंकी समूह बताया था. हालांकि, अमेरिका ने इन जहाजों के ड्रग तस्करी में शामिल होने का कोई सबूत नहीं दिया. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी सेना के इन हमलों की कड़ी आलोचना की थी और राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्दोष लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया. मादुरो ने चेतावनी दी कि अगर ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में तख्तापलट की कोशिश करता है, तो हजारों लाखों वेनेजुएलन राइफलों के साथ अमेरिका की ओर मार्च करेंगे.

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