इंडोनेशिया में 11 लोगों को लेकर जा रहा विमान लापता, तलाश में जुटी सेना

इंडोनेशिया में 11 लोगों को लेकर जा रहा एक ATR 42-500 रीजनल विमान दक्षिण सुलावेसी के पहाड़ी इलाके में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटने के बाद लापता हो गया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया गया है. यह विमान योग्याकर्ता से जा रहा था और मारोस जिले के लिआंग-लिआंग इलाके में रडार से गायब हुआ.

Advertisement
अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी टीमों के साथ तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. (Photo: Representational) अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी टीमों के साथ तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • जकार्ता,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

इंडोनेशिया में शनिवार को 11 लोगों को लेकर जा रहा एक रीजनल एयरक्राफ्ट दक्षिण सुलावेसी के पहाड़ी इलाके में पहुंचते समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटने के बाद लापता हो गया. परिवहन मंत्रालय के मुताबिक यह ATR 42-500 टर्बोप्रॉप विमान योग्याकर्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी जा रहा था और दोपहर 1.17 बजे मारोस जिले के लिआंग-लिआंग इलाके के ऊपर रडार से गायब हो गया. यह इलाका बुलुसाराउंग नेशनल पार्क के पास पहाड़ियों से घिरा हुआ है.

Advertisement

अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. एयर फोर्स के हेलिकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी टीमें मौके पर भेजी गई हैं. परिवहन मंत्रालय की प्रवक्ता एंडाह पूर्णामा सारी ने बताया कि एटीसी की ओर से उड़ान के रास्ते में सुधार के निर्देश दिए जाने के बाद रेडियो संपर्क टूट गया, जिसके बाद आपात स्थिति घोषित की गई.

ट्रैकिंग कर रहे यात्रियों को दिखा प्लेन का मलबा

इस बीच माउंट बुलुसाराउंग पर ट्रैकिंग कर रहे कुछ यात्रियों ने पहाड़ी इलाके में बिखरा मलबा, इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट जैसा लोगो और जलती हुई आग देखने की जानकारी दी है. सेना के दक्षिण सुलावेसी कमांडर मेजर जनरल बांगुन नवोको ने कहा कि इन सूचनाओं की जांच की जा रही है और बचाव दल उस इलाके तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

Advertisement

विमान में सवार थे मंत्रालय के अधिकारी

विमान में आठ क्रू मेंबर और तीन यात्री सवार थे, जो सभी समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के अधिकारी बताए जा रहे हैं. तलाशी अभियान मुख्य रूप से सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के पहाड़ी इलाकों में चल रहा है, जहां विमान के रास्ता भटकने की आशंका है. उस समय आसमान में बादल थे और विजिबिलिटी करीब आठ किलोमीटर थी, लेकिन ऊबड़-खाबड़ और खड़ी पहाड़ियों के कारण राहत कार्य में दिक्कत आ रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »