ब्रिटेन में मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई कर रहे 25 साल के श्रीनाथ रेड्डी का शव उनके कमरे में संदिग्ध हालात में मिला था. यह दुखद घटना 22 जून की है, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस कर रही है. इस अचानक हुए हादसे से तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में रहने वाला उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है. मौत की वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, जिसके चलते मामला काफी उलझा हुआ है. दुखी परिवार ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि श्रीनाथ करीब 14 महीने पहले मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई के लिए लंदन गए थे. वह लीसेस्टर की डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी के छात्र थे. घटना से ठीक एक रात पहले यानी 22 जून को उन्होंने अपने घर पर फोन करके बातचीत की थी. पिता मधुसूदन रेड्डी का कहना है कि उस दौरान सब कुछ बिल्कुल सामान्य था, कहीं से भी कोई परेशानी नहीं लग रही थी। उसी रात वह दोस्तों के साथ एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने गए थे.
रूममेट के दावे से उलझा पूरा मामला
घटना की अगली सुबह यानी 23 जून को श्रीनाथ के कमरे में उसकी लाश मिली. लंदन में रहने वाले एक रिश्तेदार के जरिए परिवार को पता चला कि श्रीनाथ के रूममेट ने सबसे पहले उन्हें मृत देखा था. उस रूममेट ने बाकी दोस्तों को बताया कि श्रीनाथ ने सुसाइड किया है. हालांकि, मौत की असली वजह क्या है, इसे लेकर ब्रिटिश पुलिस या वहां के प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. परिवार को भी इस घटना की जानकारी सीधे नहीं बल्कि दोस्तों के जरिए काफी देर बाद मिली.
इस मुश्किल वक्त में श्रीनाथ के चचेरे भाइयों ने उनके पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजने के खर्च में मदद के लिए एक ऑनलाइन फंडरेसिंग पेज भी बनाया है. अचानक हुए इस हादसे से टूट चुके पिता ने केंद्र सरकार के साथ तेलंगाना सरकार से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा है कि घटना को लेकर अभी तक कोई स्थिति साफ नहीं हो पाई है, इसलिए सरकार इस मामले में दखल दे ताकि कानूनी औपचारिकताएं तेजी से पूरी हों और उनके बेटे का शव वतन वापस लाया जा सके.
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