'लगता है भारत-रूस को हमने चीन के हाथों खो दिया', टैरिफ वॉर के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लगता है हमने भारत और रूस को चीन के सबसे गहरे और अंधेरे पाले में खो दिया है. उम्मीद है कि उनका साथ लंबा और समृद्ध हो.

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डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर पोस्ट की है (File Photo: AP) डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर पोस्ट की है (File Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:03 PM IST

टैरिफ पर तनातनी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है. अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पोस्ट पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि लगता है कि हमने भारत और रूस को खतरनाक चीन के हाथों खो दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट के साथ SCO में राष्ट्रपति जिनपिंग, पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पोस्ट की है. ट्रंप ने लिखा कि उम्मीद है कि उनका साथ लंबा और समृद्ध हो.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तिआनजिन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में एक साथ दिखे. इस दौरान तीनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्तों ने दुनिया को यह संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ वॉर के बीच एक नया वर्ल्ड ऑर्डर आकार ले रहा है. कई एक्सपर्ट्स ने इस मुलाकात को काफी अहम बताया था. 

विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो विदेश मंत्रालय के  प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. 

बता दें कि पिछले महीने ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. ट्रंप ने चीन पर भी 145% का भारी-भरकम टैरिफ लगाया, लेकिन इस फैसले को 90 दिनों के लिए टाल दिया.

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विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के कड़े टैरिफ और उनके सहयोगियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और भारत पर लगातार टिप्पणियों ने भारत को चीन और रूस के अमेरिका-विरोधी गुट की ओर और नजदीक कर दिया है.

7 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा ने रिश्तों में बड़ा बदलाव दिखाया है. गलवान संघर्ष के बाद जो कड़वाहट दोनों देशों के बीच बनी थी, वह तिआनजिन में कहीं दिखाई नहीं दी. शी जिनपिंग ने पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया, जो अन्य नेताओं के मुकाबले खास था.

द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि मित्र बनने, सीमा विवाद सुलझाने और व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने पर सहमति जताई. बातचीत के बाद जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन का दोस्त और अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन (चीन) हाथी (भारत) का साथ आना बेहद जरूरी है. ये बयान रिश्तों में नरमी का साफ संकेत माना जा रहा है.

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