हूतियों ने मोचा शहर के बाद अब एक आईलैंड पर किया कब्जा, मोर्चा छोड़ भागे सऊदी समर्थित सैनिक

यमन का मयून द्वीप अपनी बंजर रेत और चट्टानी ज़मीन की वजह से पुराने ज़माने जैसा लगता है. हालांकि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में इसकी रणनीतिक स्थिति ने इसे चल रहे संघर्ष के केंद्र में ला खड़ा किया है. ये द्वीप बॉब अल मंदेब को दो भागों में बांटता है.

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हूती विद्रोहियों ने एक आईलैंड पर कब्जा कर लिया है.  ( Photo- Reuters) हूती विद्रोहियों ने एक आईलैंड पर कब्जा कर लिया है. ( Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

बॉब अल मंदेब की ओर हूतियों का मार्च जारी है. मोचा सिटी के बाद हूतियों ने एक आईलैंड पर कब्जा कर लिया है. इस आईलैंड का नाम है मयून. इसके साथ ही लाल सागर और बॉब अल मंदेब पर हूती की पकड़ और मजबूत होती जा रही है. 

रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को लाल सागर में हूतियों ने एक अहम द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया. स्थानीय सरकारी अधिकारी और चश्मदीदों ने बताया कि इसके साथ ही बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) इलाके पर उनका कब्जा और भी मजबूत हो गया. 

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सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना मयून आईलैंड से कल ही हट गई थी, इसके बाद हथियारों से लैस हूथी लड़ाके नावों से वहां पहुंचे."इस द्वीप को 'पेरिम' के नाम से भी जाना जाता है और यह जलडमरूमध्य को दो शिपिंग लेन में बांटता है.

एक चश्मदीद का कहना है कि बंदूकधारी "बाब अल-मंदेब के तट पर तैनात हो रहे हैं और सैन्य गाड़ियों में घूम रहे हैं."

यमन का ये द्वीप अपनी बंजर रेत और चट्टानी ज़मीन की वजह से पुराने ज़माने जैसा लगता है. हालांकि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में इसकी रणनीतिक स्थिति ने इसे चल रहे संघर्ष के केंद्र में ला खड़ा किया है. 

ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट के असल में बंद हो जाने के बाद सऊदी अरब लाल सागर के ज़रिए तेल का निर्यात कर रहा है, जिसमें बाब अल-मंदाब स्ट्रेट एक संकरा रास्ता प्रदान करता है. 

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इस आईलैंड पर कब्जा करने साथ ही उन्हें इस जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाजों को रोकने की क्षमता भी मिल सकती है.

गुरुवार को ईरान समर्थित हूथियों ने पेरिम से लगभग 50 मील उत्तर में स्थित एक महत्वपूर्ण तटीय स्थान, मोचा पर कब्ज़ा कर लिया था.

3 सितंबर से लड़ाई

3 सितंबर से हूतियों और सऊदी-समर्थित यमनी सरकार के बीच कई मोर्चों पर भारी लड़ाई शुरू हुई. इसमें ताइज़, होदेइदा, मारीब, अल-जॉफ, अल-बैदा और ढाले जैसे प्रांत शामिल हैं.

10 सितंबर को हूतियों ने लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा (Mocha/Mokha) पर कब्जा कर लिया, यह यमनी सरकार के नियंत्रण वाला प्रमुख रेड सी पोर्ट था. इसके बाद वे दक्षिण की ओर धुबाब और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब आगे बढ़े. रिपोर्ट्स के अनुसार हूतियों ने हानिश द्वीपसमूह (Hanish Islands) और जुकार द्वीप पर भी पहुंच/कब्जा किया है, जिससे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (लाल सागर का महत्वपूर्ण शिपिंग रूट) पर उनका दबाव काफी बढ़ गया है. 
 

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