16 KM का सुरंग नेटवर्क, 80 कमरे... हमास की अंडरग्राउंड 'टेरर फैक्ट्री' में इजरायल ने भर दिया सीमेंट

इजरायली सेना ने हमास के 16 मीटर लंबी सुरंग को हजारों टन कंक्रीट से सील कर दिया है. ये सुरंगें हमास का अंडरग्राउंड नेटवर्क थीं. और इसमें हमास का कंट्रोल और कमांड सेंटर मौजूद था. हमास की ये सुरंगें स्कूल, मस्जिद और अस्पताल से जुड़ी हुई थीं.

Advertisement
इजरायली सेना ने हमास की 16 KM लंबी सुरंग को कंक्रीट से सील कर दिया है. (Photo: Social media) इजरायली सेना ने हमास की 16 KM लंबी सुरंग को कंक्रीट से सील कर दिया है. (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

आतंकी संगठन हमास की टनल इंजीनियरिंग को देख कोई भी हैरान हो जाता है. जमीन के अंदर टेरर नेटवर्क का पूरा संसार रचने वाले हमास के आतंकी सुरगों का ऐसा जाल बनाते हैं जो अविश्वसनीय सा लगता है. ये सुरंगें 20 से 80 मीटर तक गहरी होती हैं और इनकी दीवारें और छतें मजबूत कंक्रीट से बनी होती हैं, जो भारी बमबारी और विस्फोटों को भी झेल सकती हैं. 

Advertisement

इनमें कमांड सेंटर, हथियार भंडार, सैनिकों के आवास, वेंटिलेशन, बिजली, संचार और पानी की पूरी व्यवस्था होती है. कई सुरंगें अस्पतालों, स्कूलों और घरों के ठीक नीचे बनाई जाती हैं ताकि इजरायली हमलों के दौरान नागरिकों को ढाल बनाया जा सके. 

इनकी इंजीनियरिंग शानदार होती हैं. हमास ने अपनी सीमेंट फैक्टरियों में विशेष कंक्रीट पैनल बनाकर सुरंगों को मजबूत किया. ये सुरंगें काफी चौड़ी और लंबी होती हैं, कुछ जगहों पर गाड़ियां भी गुजर सकती हैं. 

16 किलोमीटर लंबी सुरंग को किया सील

इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा के राफाह क्षेत्र में हमास की एक ऐसे ही अंडरग्राउंड सुरंग नेटवर्क को स्थायी रूप से नष्ट कर दिया है. इस अभियान में 16 किलोमीटर से अधिक लंबी सुरंग को 30,000 घन मीटर से ज्यादा कंक्रीट भरकर सील किया गया. यह ऑपरेशन तीन महीने चला और इसे 'व्हाइट स्पैरो' नामक कॉम्प्लेक्स बताया जा रहा है.  

Advertisement

सुरंग में 80 कमरे और हमास का कमांड सेंटर

आईडीएफ के अनुसार यह सुरंग फिलाडेल्फी कॉरिडोर के निकट स्थित थी. इसमें लगभग 80 कमरे थे, जिनका इस्तेमाल हमास के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, आवासीय क्वार्टर और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता था. सुरंग की गहराई करीब 25 मीटर तक थी. खास बात यह है कि लेफ्टिनेंट हदार गोल्डिन के अवशेषों को हमास ने एक दशक से ज्यादा समय तक इसी सुरंग में कैद रखा था. हदार गोल्डिन 2014 के ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज के दौरान मारे गए थे.  

आईडीएफ की साउदर्न कमांड, याहलोम कॉम्बैट इंजीनियरिंग यूनिट और नेवल कमांडोज की टीमों ने मिलकर यह जटिल अभियान पूरा किया. टनल का एंट्री पॉइंट खोजने के बाद इंजीनियरिंग दस्तों ने भारी मशीनरी और कंक्रीट मिक्सर ट्रकों का उपयोग कर सुरंग को भरना शुरू किया.

यह इंजीनियरिंग का एक बड़ा काम था इसमें हजारों घन मीटर कंक्रीट पंप किया गया. 

रिहायशी इलाकों से गुजरती थीं सुरगें

आईडीएफ का कहना है कि सुरंग नागरिक क्षेत्रों के नीचे बनाई गई थी, जो हमास की आम रणनीति रही है, ताकि नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा सके. 

IDF ने बताया कि ये सुरंगें रिहायशी इलाकों, मस्जिदों, किंडरगार्टन, क्लीनिकों, एक स्कूल और यूएन ऑफिस के नीचे से गुजरती थी. 

Advertisement

इस अभियान का मकसद हमास की भूमिगत क्षमता को स्थायी रूप से कमजोर करना है. इजरायल का कहना है कि गाजा में हमास ने सैकड़ों किलोमीटर लंबी सुरंग नेटवर्क बनाया था, जिसका इस्तेमाल हथियार तस्करी, लड़ाकों की आवाजाही और बंधकों को छिपाने के लिए होता था.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »