कश्मीर पर ब्रिटिश सांसद का भारत को समर्थन, बोले- पहले PoK खाली करे पाकिस्तान

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कश्मीर मसले पर पाकिस्तान के रवैये का कड़ा विरोध किया है. बॉब ब्लैकमेन ने कहा, जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा है और जो लोग यूएन के संकल्प को लागू करने के लिए कहते हैं उन्हें यूएन के पहले संकल्प को देखना चाहिए. इसमें कहा गया है कि कश्मीर को दोबारा एक करने के लिए पाक सेना को पहले पीओके छोड़ना होगा.

Advertisement
ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन

लवीना टंडन

  • लंदन,
  • 15 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST

  • ब्रिटिश सांसद बोले- भारत का अभिन्न हिस्सा है पीओके समेत पूरा जम्मू-कश्मीर
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाया हुआ है पाकिस्तान

कश्मीर का राग अलापने वाले पाकिस्तान को अब ब्रिटेन के एक सांसद ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने पाकिस्तान को यह भी बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का अभिन्न अंग है. पाकिस्तान को पीओके को खाली करना चाहिए.

Advertisement

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कश्मीर मसले पर पाकिस्तान के रवैये और उसके द्वारा इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने का भी विरोध किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पहले पीओके को खाली करना चाहिए.

बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था. पाकिस्तान को पीओके को खाली करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो लोग कश्मीर पर यूएन रिजॉल्यूशन का पालन करने की बात करते हैं, वो लोग यूएन के पहले रिजॉल्यूशन को नजरअंदाज कर रहे हैं. यूएन के पहले रिजॉल्यूशन में साफ किया गया है कि पीओके जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है और पीओके को जम्मू-कश्मीर में मिलाना चाहिए. इसके लिए पाकिस्तानी सेना को पीओके खाली करना चाहिए.

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बयान उस समय सामने आया है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने की बात कही है.

Advertisement

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और लगातार उलूल-जुलूल बयानबाजी कर रहा है. पाकिस्तान कभी भारत को जंग की धमकी देता है, तो कभी कश्मीर मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पहुंच जाता है. उसने चीन को मिलकर कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उनको मुंह की खानी पड़ी थी. इस मामले पर पाकिस्तान के साथ चीन को भी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »