'मुझे राष्ट्रपति भवन तक सीमित किया, क्रिकेटर्स को बधाई देने पर भी लगाई रोक...', राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस पर लगाए आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस पर संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने और राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

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बांग्लादेश राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने डॉ. मोहम्मद यूनुस पर आरोप लगाए हैं बांग्लादेश राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने डॉ. मोहम्मद यूनुस पर आरोप लगाए हैं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:09 PM IST

बांग्लादेश में सियासी बखेड़ा थम नहीं रहा है. आम चुनाव के बाद BNP चीफ तारिक रहमान की लीडरशिप में नई सरकार के गठन के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एक बांग्लादेशी अखबार को दिए अपने खास इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने दावा किया कि बीते डेढ़ साल के दौरान उन्हें जानबूझकर संवैधानिक प्रक्रियाओं से दूर रखा गया.

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गैरजरूरी अध्यादेश जारी करने का आरोप
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के अनुसार, अंतरिम सरकार के समय कई ऐसे अध्यादेश जारी किए गए जिनकी जरूरत नहीं थी और जिन पर उनसे कोई औपचारिक चर्चा नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. यूनुस ने संवैधानिक परंपराओं का पालन नहीं किया और राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई. राष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक नियमों के तहत किसी भी विदेश यात्रा के बाद मुख्य सलाहकार को राष्ट्रपति को जानकारी देनी होती है, लेकिन डॉ. यूनुस ने कम से कम 15 विदेश यात्राओं के बावजूद उन्हें अवगत नहीं कराया.

'मुझ पर लगाई गई रोक'
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुए एक व्यापार समझौते की जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई. राष्ट्रपति का दावा है कि यह संवैधानिक दायित्व था, जिसे नजरअंदाज किया गया. इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. यूनुस ने राष्ट्रपति की दो प्रस्तावित विदेश यात्राओं दिसंबर 2025 में कोसोवो और एक अन्य अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन पर रोक लगा दी.

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राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार उन्हें पब्लिक प्रोग्राम्स से दूर रखना चाहती थी. विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों और अन्य पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. यहां तक कि विदेशों में स्थित बांग्लादेशी दूतावासों से राष्ट्रपति की तस्वीरें हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया. शहाबुद्दीन ने दावा किया कि उनका प्रेस विभाग और फोटोग्राफर तक हटा दिए गए, जिससे वे स्वतंत्र रूप से प्रेस रिलीज जारी नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई संदेश जारी करने तक की अनुमति नहीं थी. उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि 'मैं राष्ट्रपति भवन में ही सीमित होकर रह गया था.'

राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने के प्रयास हुए. उनके अनुसार, अंतरिम सरकार की एक सलाहकार ने मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति पद की शपथ लेने का अनुरोध किया, जिसे न्यायपालिका ने खारिज कर दिया. इन आरोपों पर डॉ. यूनुस या अंतरिम सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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