आधा खीरा, जली चूड़ियां और याबा 'ड्रग'... ऐसे खुला बांग्लादेश के हिंदू परिवार की हत्या का राज़

बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. चारों के शव घर में अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए. मृतक परिवार के परिजनों का शक है कि हत्या में किसी बड़े गिरोह का हाथ है.

Advertisement
बांग्लादेश के हिंदू परिवार की हत्या (Photo-Dailystar) बांग्लादेश के हिंदू परिवार की हत्या (Photo-Dailystar)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:36 AM IST

बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार की नृशंस हत्या में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड टीचर गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवती, बेटी आगामी चक्रवर्ती उर्फ प्रार्थि और उनके बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव उनके घर से मिले. 

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतावली इंचार्ज अफसर नजमुल कादर ने बताया कि शनिवार रात तकरीबन 11:30 बजे शहर के दासपारा इलाके से चारों लोगों के शव बरामद किए गए. मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात भी कबूली है लेकिन मृतकों के परिवार का शक है कि इस घटना में किसी बड़े गिरोह का हाथ है.

Advertisement

पुलिस ने गणपति के कजिन भाई मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है. सिद्धार्थ रंगपुर सिटी बाज़ार में मछली का व्यापार करता है, जबकि मुग्धो सुनार का असिस्टेंट है. दोनों दासपारा में ही रहते हैं.

'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के इंचार्ज सुबीर चौधरी ने बताया कि घर में सामान जगह-जगह बिखरा हुआ था. लूटपाट भी की गई. उनका कहना है कि आरोपियों द्वारा बताए गए जगहों से चोरी किए गए सोने के गहने भी मिले. 

हत्या के दिन क्या-क्या हुआ?

डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख सनातन चक्रवर्ती ने बताया कि हत्या गुरुवार आधी रात और शुक्रवार सुबह के बीच हुई. अगर हत्या पर सिलसिलेवार ढंग से नजर डालें तो आरोपी पड़ोसी की छत से गणपित के घर पहुंचे थे. यहां वे गणपति की छत पर 'काबा' नशा कर रहे थे. जब गणपति को छत पर किसी आवाजाही का शक हुआ तो उन्होंने छत पर जाकर देखा. यहां आरोपियों से उनकी बहस हुई और आरोपियों ने उन्हीं के गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 7 घंटे घर में ही रहे, खाना खाया, नहाए... बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या करने वालों का कुबूलनामा

छत से आवाज सुनाई देने पर गणपति की पत्नी प्रीतिलता वहां पहुंची. आरोपियों ने उनकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी नीचे की ओर बढ़े, तभी उन्हें आगामी दिखी. उन्होंने बेटी आगामी उर्फ प्रार्थि की भी हत्या कर दी. इसके बाद वे नीचे पहुंचे, यहां कमरे में उन्हें गणपति का छोटा बेटा प्रियम नजर आया. उन्हें डर था कि प्रियम उन्हें पहचान सकता है, क्योंकि वह आरोपियों में से एक के भाई का दोस्त भी था. ऐसे में पहचान जाहिर होने के डर से उन्होंने प्रियम की भी हत्या कर दी. 

इसके बाद आरोपी वहां से भागे नहीं, बल्कि वहीं 6-7 घंटों तक घर में रहे. यहां उन्होंने घर में काबा नशा किया. वही नशा जो वे छत पर कर रहे थे. फिर उन्होंने सबूत मिटाने की कोशिश की. उन्होंने प्रीतिलता की चूड़ियां जलाने की कोशिश की. लेकिन वह पूरी जल नहीं पाई. इसके बाद उन्होंने फ्रिज से निकालकर खाना खाया. और फिर कई देर तक नहाया. बाद में उन्होंने घर की बिजली काटी और कीमती सामना की लूट की. 6-7 घंटे बाद दोनों मौके से फरार हो गए. 

Advertisement

इधर गणपति के परिवार से संपर्क नहीं होने पर उनके परिजनों को चिंता हुई. परिवार का फोन गुरुवार से ही बंद था. ऐसे में उनके परिजन शनिवार को उनके घर पहुंचे. यहां उन्होंने मेन गेट बंद पाया. परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों के शव अलग-अलग जगहों से बरामद किए. गणपति के बड़े भाई गोपीनाथ ने रंगपुर में हत्या का मामला दर्ज कराया है. 

मृतकों के परिजनों ने क्या कहा

स्थानीय लोगों के मुताबिक गणपति 31 दिसंबर 2025 को स्कूल से रिटायर हुए थे. रिटायरमेंट के बाद गणपति होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में काम कर रहे थे. वहीं, उनकी बेटी प्रार्थना ने इस साल रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर्स किया था. जबकि बेटा प्रियम पांचवी कक्षा में था. 

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या से सनसनी, छत पर पिता, सीढ़ियों पर मां-बेटी और बेड के नीचे मिला बेटे का शव

मृतक प्रीतिलता की बहन के मुताबिक इस परिवार का कोई दुश्मन नहीं था. और उन्होंने हाल ही में यह तीन मंजिला मकान बनवाया था. गणपति के भतीजे विश्वनाथ चक्रवर्ती का कहना है कि इस हत्या में किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है. उन्होंने द डेली स्टार से कहा, "गणपति को घर बनाने में परेशानी हो रही थी. कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे थे. उन्होंने मुझे इस बारे में बताया था. मैंने उन्हें कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इसी इलाके में रहना है इसलिए वे ज्यादा मुश्किल में नहीं पड़ना चाहते."

Advertisement

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह परिवार बहुत ही मिलनसार और विनम्र स्वभाव का था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »