'काबुल में 269 मौतें, संभावित युद्ध अपराध...', एमनेस्टी ने पाकिस्तान की करतूत को बेनकाब कर दिया

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बुधवार को चार महीने पहले काबुल में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों की जांच की मांग की और इन्हें "संभावित युद्ध अपराध" करार दिया है. संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफ़गानिस्तान के अनुसार 17 मार्च को हुए इन हमलों में कम से कम 269 आम नागरिक मारे गए थे और 122 अन्य घायल हुए थे.

Advertisement
पाकिस्तान ने काबुल में एक रिहैब सेंटर पर हमला किया था. (File Photo: ITG) पाकिस्तान ने काबुल में एक रिहैब सेंटर पर हमला किया था. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:24 PM IST

पाकिस्तान ने जब 17 मार्च 2026 को अफगानिस्तान के ओमिड रिहैबिलिटेशन सेंटर पर हवाई हमला किया था. तो उसने युद्ध अपराध किया था. इस हमले में कम से कम 269 आम नागरिक मारे गए थे. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने घोषणा की है कि इस हमले की जांच संभावित युद्ध अपराध के तौर पर की जानी चाहिए. 

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तानी सेना ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई भी ऐसा सबूत नहीं दिया है जिसकी पुष्टि की जा सके कि उस सेंटर का इस्तेमाल सैन्य उपकरण रखने या किसी अन्य सैन्य मकसद के लिए किया जा रहा था. 

Advertisement

एमनेस्टी इंटरनेशनल एक वैश्विक मानवाधिकार संगठन है. इसका काम दुनिया भर में मानवाधिकारों की रक्षा, यातना, अन्याय, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और निष्पक्ष जांच के लिए अभियान चलाना है. 

एमनेस्टी इंटरनेशनल की दक्षिण एशिया की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा, "ओमिड सेंटर पर हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और यह शायद युद्ध अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है. यह देखते हुए कि इस जगह का इस्तेमाल एक दशक से ज़्यादा समय से मेडिकल केंद्र के तौर पर किया जा रहा था, यह पाकिस्तान की सैन्य योजना में एक बड़ी विफलता को दिखाता है, जिसके कारण आम नागरिकों की जान का भारी नुकसान हुआ."

"यह पाकिस्तान द्वारा वेरीफाई करने के अपने दायित्व का पालन करने में एक घातक विफलता थी. पाकिस्तान को तत्काल हमले की पारदर्शी, संपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. विशेष रूप से निर्णय लेने की प्रक्रिया जिसके कारण इस मेडिकल केंद्र को निशाना बनाया गया."

Advertisement

 एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि पाकिस्तान को जांच के परिणामों को भी सार्वजनिक करना चाहिए.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, "जहां पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, वहां सक्षम अधिकारियों को आपराधिक जिम्मेदारी के संदेह वाले किसी भी अधिकारी पर मुकदमा चलाना चाहिए."

हालांकि अफ़गानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने भी इस हमले में 269 लोगों की मौत और 120 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र समेत किसी भी अंतरराष्ट्रीय या मानवाधिकार संगठन ने अब तक इस जानलेवा घटना की जांच शुरू नहीं की है.

पीड़ितों में से एक के पिता इमाम जान ने कहा, "वे इलाज की उम्मीद में इस कैंप में गए थे, लेकिन इस दमनकारी देश ने उन पर बमबारी कर दी. हम सभी संगठनों, खासकर UN सुरक्षा परिषद से अपील करते हैं कि वे इस अपराध की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों को सज़ा मिले."

17 मार्च 2026 को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने काबुल में ओमिड पुनर्वास केंद्र पर रात में हवाई हमला किया. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 400 से ज़्यादा लोग मारे गए और 265 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. 
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »