पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध का खतरा गहरा गया है. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों पर दोबारा सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं. पिछले महीने हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर से हमला किया है. ताजा हमलों के बाद अमेरिका की तरफ से जहाजों के लिए चेतावनी भी जारी की गई है और माना जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर तनाव बढ़
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई. वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी शहर बंदर अब्बास, क़ेश्म और सीरिक के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. सीरिक के कॉमर्शियल पोर्ट पर एक प्रोजेक्टाइल के टुकड़े गिरने से कई लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह भी पढ़ें: होर्मुज पर फिर भड़की जंग, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में अमेरिका ने बरसाए बम, धमाकों से दहला ईरान
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर 'सब्स्टैंशियल' से बढ़ाकर 'सीवियर' कर दिया है. 15 जून के बाद पहली बार खतरे का स्तर इतना बढ़ाया गया है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि समुद्र में नौसैनिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जहाजों की जांच तेज होगी और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की तरफ से जहाजों को बार-बार रोका जा सकता है.
खामेनेई के जनाजे के बीच जहाजों पर हमला और ईरान पर अटैक
जिन तेल टैंकरों पर हमले हुए थे, वे सऊदी अरब और कतर के बताए जा रहे हैं. इस बीच बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के तेल टैंकरों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है. बहरीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं. उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हॉर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है.
दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम भी जारी है. उनका ताबूत मंगलवार को इराक के नजफ एयरपोर्ट पहुंचा, जहां ईरान और इराक के शीर्ष नेताओं ने आधिकारिक श्रद्धांजलि दी. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और खामेनेई के परिवार के सदस्य भी इस दौरान मौजूद रहे. इराक की तरफ से प्रधानमंत्री अली अल-जैदी, विदेश मंत्री फुआद हुसैन और कई वरिष्ठ अधिकारी श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए. हालांकि, हमले के बाद खबर है कि राष्ट्रपति पेजेशकियान तेहरान के लिए रवाना हो चुके हैं.
अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर दी गई छूट वापस लेकर समझौते की धारा-10 का उल्लंघन किया है, जबकि इसी धारा के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी तेल के निर्यात की अनुमति देने का वादा किया था. अमेरिका ने इस फैसले को हॉर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया कदम बताया है. वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगा.
यह भी पढ़ें: होर्मुज में हमलों से भड़का अमेरिका, ईरानी तेल के लिए जनरल लाइसेंस किया रद्द, कहा- नतीजे भुगतने होंगे
हॉर्मुज में टैंकर हमलों के बाद अमेरिका का पलटवार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार देर शाम ऐलान किया कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. इससे पहले जिन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था, वे उस समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे, जिसके इस्तेमाल के खिलाफ ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था. हालांकि, ईरान ने इन हमलों की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ईरानी सरकारी टीवी का दावा है कि कम से कम एक जहाज ने ईरानी सुरक्षा बलों की चेतावनियों की अनदेखी की थी, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया.
aajtak.in