12 साल तक बिजली नहीं, CM के जनता दरबार से 12 दिन में 'रोशन' की परिवार की जिंदगी

बंगाल का एक परिवार करीब 12 साल तक बिना बिजली के रहा. परिवार का कहना है कि इस दौरान उसने बिजली कनेक्शन के लिए कई बार आवेदन दिए और पिछली सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ.

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कृष्ण बाउरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पिछले 12 सालों में कई बार आवेदन जमा किए थे. (Photo: ITG) कृष्ण बाउरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पिछले 12 सालों में कई बार आवेदन जमा किए थे. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

बंगाल में करीब 12 साल से अंधेरे में रह रहे एक साइकिल मैकेनिक के परिवार की जिंदगी तब रोशन हो गई, जब मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत करने के महज 12 दिन बाद ही उन्हें बिजली कनेक्शन मिल गया.

साइकिल मैकेनिक कृष्ण बाउरी का परिवार करीब 12 साल तक पूरी तरह अंधेरे में रहा, जबकि उन्होंने बिजली कनेक्शन के लिए कई बार आवेदन किया था. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार (जन सुनवाई) में जाने के केवल 12 दिन बाद ही उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ, जिससे परिवार को राहत मिली और उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए.

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यह घटना पुरुलिया जिले के पुंचा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लौलाडा गांव की बताई जा रही है. साइकिल रिपेयर करके अपनी जीविका चलाने वाले कृष्ण बाउरी ने बताया कि पड़ोसियों के साथ जमीन के विवाद के कारण उनका परिवार एक दशक से अधिक समय से बिजली से वंचित था. उनके अनुसार, कुछ स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर बिजली विभाग को उनके घर में बिजली कनेक्शन देने से रोका था.

कृष्ण बाउरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पिछले 12 सालों में कई बार आवेदन जमा किए थे और पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान भी अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया था. हालांकि, उनकी लगातार कोशिशों के बावजूद, यह मुद्दा अनसुलझा रहा और उनका परिवार बिना बिजली के ही रहता रहा.

समाधान खोजने के इरादे के साथ, कृष्ण बाउरी की पत्नी कल्पना बाउरी अपनी बेटी के साथ 13 जुलाई को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शामिल होने के लिए कोलकाता के साल्ट लेक गईं. उन्होंने अपनी शिकायत सीरियल नंबर 34 के तौर पर दर्ज कराई. हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका नहीं मिला, लेकिन जन सुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने उनकी शिकायत दर्ज की और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले को प्राथमिकता दी जाएगी.

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शिकायत के बाद, जनता दरबार के अधिकारियों ने तुरंत पुंचा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और स्थानीय प्रशासन को बिना देरी किए मामले की जांच करने का निर्देश दिया. इन निर्देशों पर अमल करते हुए, पुंचा पुलिस, पुंचा ब्लॉक प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मिलकर लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को सुलझाने की प्रक्रिया शुरू की.

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को जमीन विवाद में शामिल दोनों पक्षों को संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में सुनवाई के लिए बुलाया गया था. दोनों पक्षों की बात सुनने और मामले के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद, अधिकारियों ने फैसला किया कि बाउरी परिवार को बिजली कनेक्शन दिया जाना चाहिए.

शुक्रवार को बिजली विभाग के अधिकारी, पुंचा पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों के साथ कृष्ण बाउरी के घर पहुंचे और बिजली कनेक्शन लगाने का काम पूरा किया. 12 सालों में पहली बार, बिजली की रोशनी से परिवार का घर जगमगा उठा, जिससे लंबे समय से चली आ रही कठिनाई का दौर खत्म हुआ.

कृष्ण बाउरी और उनके परिवार ने प्रशासन, बिजली विभाग, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दिल से आभार जताया कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का आखिरकार समाधान हो गया.

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