अपने साथी के लिए अड़े कांवड़िए, स्टेशन पर चेन खींचकर रोक दी ट्रेन... 87 मिनट तक यात्री रहे परेशान

RPF Kanwariya Dispute: जसीडीह से रायपुर जा रही ट्रेन में सवार 150 कांवड़ियों ने कुल्टी स्टेशन पर चेन खींचकर ट्रेन रोक दी. वजह थी आरपीएफ की वो कार्रवाई, जिसमें चित्तरंजन स्टेशन पर उनके एक साथी को चेन खींचने के आरोप में ट्रेन से नीचे उतार लिया गया था...

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कुल्टी स्टेशन पर 150 कांवड़ियों का बवाल.(Photo:ITG) कुल्टी स्टेशन पर 150 कांवड़ियों का बवाल.(Photo:ITG)

अनिल गिरी

  • आसनसोल,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में गए अपने साथी को वापस ट्रेन में बैठाने की मांग को लेकर करीब 150 कांवड़ियों के जत्थे ने आसनसोल के कुल्टी स्टेशन पर चेन खींच दी. करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन के रुके रहने से स्टेशन पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. काफी समझाने-बुझाने और हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए युवक को कुल्टी लाकर बैठाया गया, जिसके बाद ट्रेन आगे रवाना हो सकी.

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शुक्रवार को जसीडीह स्टेशन से करीब 150 कांवड़ियों का दल रायपुर जाने के लिए दरभंगा-रक्सौल मार्ग की ट्रेन में सवार हुआ था. मधुपुर स्टेशन पर समूह का एक सदस्य कुछ सामान खरीदने के लिए ट्रेन से नीचे उतरा. इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी. साथी को ट्रेन से छूटता देख दल के एक सदस्य ने चेन खींच दी. ट्रेन की रफ्तार कम होने पर नीचे उतरा यात्री दोबारा ट्रेन में चढ़ गया.

कांवड़ियों का आरोप है कि चेन खींचने के मामले में ट्रेन में मौजूद आरपीएफ स्क्वॉड ने एक कांवड़िए को हिरासत में ले लिया. यात्रियों के मुताबिक, वे नियम के तहत जुर्माना भरने के लिए तैयार थे, लेकिन आरोप है कि उनसे पहले 3 हजार और बाद में 11 हजार रुपये की मांग की गई.

इसके बाद चित्तरंजन स्टेशन पर आरपीएफ ने हिरासत में लिए गए युवक को ट्रेन से उतार लिया. इसकी जानकारी जब ट्रेन में मौजूद अन्य कांवड़ियों को हुई तो उन्होंने कुल्टी स्टेशन पहुंचते ही चेन खींचकर ट्रेन रोक दी.

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कांवड़ियों ने मांग की कि चित्तरंजन में उतारे गए उनके साथी को कुल्टी लाकर दोबारा ट्रेन में बैठाया जाए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि साथी के लौटने तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा.

मामले की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की. अंततः हिरासत में लिए गए युवक को चित्तरंजन से कुल्टी लाकर ट्रेन में बैठाया गया. इसके बाद कांवड़ियों का विरोध समाप्त हुआ और ट्रेन धनबाद की ओर रवाना हो गई.

इस पूरे घटनाक्रम के कारण ट्रेन करीब 87 मिनट तक कुल्टी स्टेशन पर खड़ी रही और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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