हावड़ा मर्डर केस: 'दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा', BJP कार्यकर्ता के घर पहुंच शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की हत्या के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया. परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की. पुलिस अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मुख्य आरोपी अब भी फरार है. घटना को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है.

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17 जून को घटना को अंजाम दिया गया था. File Photo ITG 17 जून को घटना को अंजाम दिया गया था. File Photo ITG

aajtak.in

  • हावड़ा,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:03 PM IST

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बागनान में भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मृतक भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रशांत डे को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस इस मामले की तेजी से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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परिजनों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. मुलाकात के बाद प्रशांत डे के बेटे ने मीडिया से कहा कि परिवार ने मुख्यमंत्री से आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी.

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि उनकी सरकार राजनीतिक हिंसा के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करती है और इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

वहीं, हावड़ा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्या के मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है. हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले का मुख्य आरोपी, जिसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का नेता बताया जा रहा है, अभी भी फरार है.

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गौरतलब है कि 17 जून को हावड़ा के बागनान स्थित संतोषपुर इलाके में भाजपा के बूथ संख्या-197 के उपाध्यक्ष प्रशांत डे की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. परिवार का आरोप है कि हमले के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना में तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे. घटना के बाद भाजपा ने इसे राजनीतिक हिंसा बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

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