बागियों का 'सहारा' बनी NCPI की कहानी... कभी पंचायत चुनाव तक नहीं जीती पार्टी के पास अब बंगाल का सबसे बड़ा संसदीय गुट

TMC के 20 बागी सांसद NCPI में शामिल हो गए. इससे यह छोटी-सी पार्टी रातोंरात बंगाल की 42 में से 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी संसदीय ताकत बन गई, जो BJP, TMC और कांग्रेस से भी आगे है. लेकिन पार्टी की हकीकत चौंकाने वाली है. यह त्रिपुरा में रजिस्टर्ड एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है, जो 2023 पंचायत चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी.

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TMC के बागियों के सहारे अचानक सुर्खियों में आई NCPI (Photo: PTI) TMC के बागियों के सहारे अचानक सुर्खियों में आई NCPI (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

TMC के 20 बागी सांसदों ने रविवार को एक ऐसी पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया जिसका नाम है NCPI. इस फैसले के बाद यह छोटी-सी, लगभग अनजान पार्टी रातोंरात बंगाल की सबसे बड़ी संसदीय पार्टी बन गई. लेकिन जब मीडिया ने इस पार्टी का पता खोजा तो जो मिला, वो हैरान करने वाला था.

NCPI का पूरा नाम है नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑ इंडिया. यह पार्टी मूल रूप से त्रिपुरा में रजिस्टर है, और चुनाव आयोग के हिसाब से यह एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है. इसका मतलब यह है कि इस पार्टी को चुनाव आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है. 2023 के पंचायत चुनावों में इस पार्टी ने बंगाल में दो उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी. दोनों उम्मीदवार को कुल मिलाकर 822 वोट मिले थे.

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पार्टी का दफ्तर कहां मिला?

जब समाचार एजेंसी पीटीआई ने NCPI के बंगाल के रजिस्टर्ड पते पर जाकर देखा, तो वो जगह हावड़ा जिले के संकरैल इलाके में एक आम घर निकला. यह प्रॉपर्टी उत्तिय कुंडू और उनकी पत्नी शेवली कुंडू के नाम पर है. पड़ोसियों ने बताया कि यह जोड़ा करीब 8 साल पहले नदिया जिले से यहां आकर बसा थे.

उस घर के मेन गेट पर एक बोर्ड लगा था, जिसमें उत्तिय कुंडू को 'एक बांग्ला अखबार के संपादक, गणित के शिक्षक, ऑडिटर, स्वास्थ्य सलाहकार और योग स्वयंसेवक' बताया गया था. वहीं शेवली कुंडू को 'कलकत्ता हाईकोर्ट की वकील' और 'जमीन सर्वे में डिप्लोमाधारी' बताया गया था.

घर की एक दीवार पर 'जागो बिस्वा' का नारा लिखा था. दूसरी दीवार पर 'असंगठित महिला कामगार संघ' भी लिखा हुआ था. पड़ोसियों के मुताबिक इस प्रॉपर्टी से एक NGO भी चलाया जाता है जो सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं को ट्रेनिंग देता है. सोमवार सुबह से ही इस घर के बाहर केंद्रीय अर्धसैनिक बल यानी CRPF की भारी तैनाती हो गई.

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यह भी पढ़ें: TMC के बागियों का सहारा बनी NCPI पार्टी का इतिहास, किसने बनाया, कौन चलाता है?

पार्टी ने क्या दावा किया?

20 TMC सांसदों के NCPI में शामिल होने की खबर के अगले ही दिन यानी सोमवार को पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली जिसमें लिखा. '20 लोकसभा सीटों के साथ NCPI बंगाल की सबसे बड़ी संसदीय ताकत बन गई है.'

पार्टी ने एक ग्राफिक भी शेयर किया जिसमें बंगाल की 42 लोकसभा सीटों का बंटवारा दिखाया गया था. इस हिसाब से अभी NCPI के पास 20 सीटें हैं, BJP के पास 12, TMC के पास 8 और कांग्रेस के पास 1 सीट है.

पार्टी ने एक अलग पोस्ट में सभी 20 बागी सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका 'लंबा राजनीतिक अनुभव, जमीनी जुड़ाव और लोगों के प्रति प्रतिबद्धता पार्टी को मजबूत और समृद्ध बनाएगी.'

पार्टी का संस्थापक क्या बोले?

उत्तर 24 परगना जिले में रहने वाले संतनु डे ने खुद को NCPI के संस्थापक सदस्यों में से एक और पार्टी का राष्ट्रीय संगठन सचिव बताया. उन्होंने कहा. "यह हमारी पार्टी के लिए बढ़ने का मौका है. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं और NDA के सहयोगी के तौर पर काम करना चाहते हैं. अगर काकोली घोष दस्तीदार मुझे दिल्ली बुलाएं तो मैं जाऊंगा और हम साथ मिलकर प्रेस को संबोधित करेंगे.'

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