ममता बनर्जी को एक और झटका, पुराने सहयोगी मदन मित्रा भी बागी गुट में गए

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री मदन मित्रा विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे में शामिल हो गए हैं. ये पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका है. मदन ममता के पुराने सहयोगी रहे हैं.

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पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने बागी टीएमसी गुट का दामन थाम लिया है (File Photo: ITG) पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने बागी टीएमसी गुट का दामन थाम लिया है (File Photo: ITG)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता, पश्चिम बंगाल,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ी खबर सामने आई है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन मित्रा पार्टी के बागी खेमे में शामिल हो गए हैं. यह बागी खेमा विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में चल रहा है. ये पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका है.

मदन मित्रा पार्टी के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं. वह पहले भी सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पार्टी में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. ऐसे में बागी खेमे में शामिल होने का सीधा असर टीएमसी की अंदरूनी राजनीति पर पड़ेगा. पार्टी के भीतर पहले से ही असंतोष की खबरें आती रही हैं और अब इस नए घटनाक्रम ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है. 

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मंगलवार रात मदन मित्रा अचानक एंटाली के पूर्व विधायक स्वर्णकमल साहा के घर पहुंचे थे. यहीं से उनके पाला बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. स्वर्णकमल साहा के बेटे संदीपन साहा खुद एंटाली से विधायक हैं और ऋतब्रत बनर्जी गुट के अहम नेता माने जाते हैं. यानी मदन मित्रा का इस घर में जाना साफ इशारा था कि वह ममता बनर्जी के खेमे से दूरी बना रहे हैं. 

बुधवार दोपहर वह खुद गाड़ी चलाकर विधानसभा पहुंचे और वहीं ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात के बाद इस्तीफे का ऐलान कर दिया और बागी गुट में शामिल हो गए.

दरअसल, मदन मित्रा पहले से ही नगर भर्ती घोटाले में जांच एजेंसियों के घेरे में हैं. पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने उनके घर पर पांच घंटे तक तलाशी ली थी. इस साल जून में ईडी ने भी उनके घर पर छापेमारी की थी. 

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यह छापेमारी कोलकाता और आसपास के इलाकों की सात जगहों पर हुई थी, जिसमें उनका भवानीपुर और कालीघाट वाला घर भी शामिल था. इसके अलावा दक्षिणेश्वर, संतोषपुर, जोका और बेलेघाटा में भी ईडी ने तलाशी ली थी.

अब इसी घोटाले में ईडी ने मदन मित्रा की पत्नी और दोनों बेटों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है. परिवार को नोटिस मिलते ही मदन मित्रा का स्वर्णकमल साहा के घर पहुंचना नई चर्चाओं की वजह बना. सूत्रों के मुताबिक वह रात करीब साढ़े दस बजे तक वहीं मौजूद रहे थे. लंबे समय से ममता बनर्जी के भरोसेमंद रहे मदन मित्रा के इस कदम से टीएमसी में हलचल मच गई है.
 

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