कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया. इस हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. मलबे में दबे 21 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर है. अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है. सीएम शुभेंदु ने घटना स्थल का दौरा कर शाम को बताया था कि मलबे में 15 लोगों के दबे होने की आशंका है. हादसे के वक्त गोदाम में कितने लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. इस हादसे को लेकर लापरवाही के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए 'कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकार के तहत चल रहे सभी निर्माणाधीन इमारतों के काम पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निर्माण परियोजनाओं, विशेष रूप से व्यावसायिक परियोजनाओं का ऑडिट कराया जाएगा. ऑडिट और जांच पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी. फिलहाल 1 अगस्त तक काम स्थगित रहेगा.
वहीं, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं कल विधानसभा में बताऊंगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी. शुरुआती जानकारी के अनुसार भवन के नक्शे (प्लान) में कुछ खामियां होने की बात सामने आई है." उन्होंने बताया कि भारतीय सेना और एनडीआरएफ ने जानकारी दी है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ लोग जीवित हैं. बचाव दल ने विशेष चैनल के जरिए फंसे लोगों तक भोजन और पानी पहुंचाया है. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं.
सीएम ने कहा कि हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों की पहचान रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है. प्रशासन अन्य पीड़ितों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि देर शाम मरने वालों का संख्या बढ़कर पांच हो गई. मौके पर सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं. मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान युद्धस्तर पर जारी है.
राही हलदर