कोलकाता में पिछले कई घंटों से हो रही तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित है. एक तरफ जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI) जाने वाली मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ तो वहीं, हावड़ा के एक स्कूल में भी बारिश का पानी भर गया.
हावड़ा में गुरुवार शाम को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई भारी बारिश का असर शुक्रवार सुबह तक जारी रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. लगातार बारिश के कारण कई सड़कें पानी में डूब गईं. निचले इलाकों में कहीं टखने तक तो कहीं घुटनों तक पानी भर गया. लोगों के घरों में बारिश का पानी भरने से सामान खराब हो गया है.
जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. हावड़ा के बाली बैरकपुर हाई स्कूल परिसर में भी पानी घुसने से पठन-पाठन प्रभावित हुआ है. स्कूल के क्लासरूम, स्टाफ रूम, मिड डे मील बनाने वाले कमरे में भी पानी ही पानी है.
टिकियापाड़ा, सालकिया, घुसुड़ी, बेलगाछिया और शिवपुर सहित हावड़ा के कई क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हैं. वहीं, दूसरे हुगली सेतु (विद्यासागर सेतु) के ब्रिज एप्रोच रोड पर भी पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है. ऑफिस जाने वाले लोगों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा.
हावड़ा नगर निगम की जिम्मेदारी संभाल रहे राज्य के शहरी विकास विभाग के राज्य मंत्री उमेश राय ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर पंपों के जरिए पानी निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही नालों के डीसिल्टिंग का काम भी शुरू किया जाएगा, ताकि भविष्य में बारिश का पानी तेजी से निकल सके.
दार्जीलिंग में बालासन नदी पर बना अस्थायी पुल बहा
दार्जीलिंग (पश्चिम बंगाल), बालासन नदी पर दूधिया इलाके में बना अस्थायी ह्यूम पाइप पुल बीती रात भारी बारिश की वजह से बह गया. यह पुल सिलिगुड़ी और मिरिक को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता था. भारी बारिश की वजह से नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे पुल पूरी तरह से पानी में बह गया.
भारी बारिश की वजह से फिलहाल हावड़ा शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
बता दें कि कोलकाता एयरपोर्ट की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर भी बारिश का इतना पानी भर गया था कि हल्की गाड़ियों को निकलने में मुश्किल हो रही थी, जबकि भारी वाहन भी धीरे-धीरे चलते नजर आ रहे थे.
बैधनाथ झा