ममता बनर्जी को हाईकोर्ट से झटका, TMC के अकाउंट फ्रीज मामले में अर्जेंट सुनवाई से इनकार

कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के तीन बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मामले में जल्द सुनवाई की मांग ठुकरा दी है. पार्टी ने कोर्ट से अर्जेंट सुनवाई की अपील की थी, लेकिन अदालत ने मामले को सामान्य प्रक्रिया के तहत सुनने की बात कही.

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बागी विधायकों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई (File Photo:ITG) बागी विधायकों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई (File Photo:ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

कलकत्ता हाईकोर्ट से मंगलवार को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने के खिलाफ दायर याचिका पर अर्जेंट सुनवाई करने से स्पष्ट मना कर दिया है.

इस मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य कर रहे हैं. उन्होंने ममता गुट की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि इस केस की सुनवाई भी आम मामलों की तरह ही होगी, यानी जो नंबर तय है, उसी लिस्टिंग के अनुसार सुनवाई की जाएगी.

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ममता गुट के वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट को बताया कि टीएमसी के तीन बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है. इस वजह से इन खातों से किसी भी तरह का पेमेंट और लेन-देन नहीं हो पा रहा है. वकील ने कहा कि इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये की भारी रकम फंसी हुई है. उन्होंने इस संकट को देखते हुए कोर्ट से तुरंत सुनवाई करने की अपील की, लेकिन अदालत ने उनकी ये मांग मानने से साफ इनकार कर दिया.

यह भी पढ़ें: 'पार्टी के नाम और सिंबल का हो रहा गलत इस्तेमाल', ममता ने बागियों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

बागी विधायकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

टीएमसी के इन बैंक खातों पर ये कार्रवाई बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े कुछ विधायकों की शिकायत के बाद हुई है. इन विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी. अपनी शिकायत में उन्होंने इस मामले की पूरी जांच करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.

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इन बागी विधायकों ने खातों में जमा करोड़ों रुपयों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने जांच टीम से मांग की है कि इस पैसे के सोर्स की जांच की जाए. वे पता लगाना चाहते हैं कि ये पैसा ईमानदारी की कमाई का है या फिर किसी गलत काम से आया है. उन्हें शक है कि ये पैसा कट-मनी (कमीशन), पब्लिक फंड की हेराफेरी और किसी बड़े घोटाले का हो सकता है.

 

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