TMC नेता कुणाल घोष पर फेंके गए अंडे, ममता बनर्जी के घर के बाहर की घटना-VIDEO

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ विरोध का सिलसिला जारी है. कुणाल घोष पर अंडा फेंके जाने का मामला सामने आया है. यह घटना ममता बनर्जी के घर के बाहर हुई. कुणाल घोष उनसे मिलने पहुंचे थे, इसी दौरान एक युवक ने उन पर अंडे फेंके.

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ममता के घर के अंदर पहुंचने से ठीक पहले टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए. (Photo: ITG) ममता के घर के अंदर पहुंचने से ठीक पहले टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए. (Photo: ITG)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष पर सोमवार को एक युवक ने अंडे से फेंके. यह घटना उस समय हुई जब कुणाल घोष पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के घर के अंदर जा रहे थे. स्थानीय युवक चंदन ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मीडिया से बातचीत में अपने कदम का बचाव भी किया.

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चंदन ने कहा, 'इन लोगों ने जनता पर बहुत अत्याचार किए हैं. कुणाल घोष भी इससे अलग नहीं हैं. इसलिए वे इसी व्यवहार के हकदार हैं. इन्होंने हमारे साथ बहुत गलत किया है.' टीएमसी की ओर से इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी. वहीं, कुणाल घोष ने भी सार्वजनिक रूप से इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की.

मदन मित्रा के काफिले पर भी फेंके थे अंडे

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा को भी इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ा था. उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी के अरियादह इलाके में उनके दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके काफिले पर अंडे फेंके थे और उनके खिलाफ नारेबाजी की थी. स्थानीय लोगों के विरोध के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बढ़ते विरोध के बीच मदन मित्रा के काफिले को वहां से निकलना पड़ा था.

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अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने किया था हमला

हालिया घटना से पहले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को भी विरोध का सामना करना पड़ा था. वह यहां चुनाव बाद हुई कथित हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे थे. दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन पर अंडे और पत्थर फेंके थे और उनके खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाए थे. घटना के वीडियो में कुछ स्थानीय लोग अभिषेक बनर्जी से तीखी बहस करते और स्थानीय समस्याओं को लेकर जवाब मांगते दिखाई दिए थे. 

विरोध प्रदर्शन के बावजूद अभिषेक बनर्जी ने प्राथमिक उपचार लेने के बाद अपना निर्धारित कार्यक्रम जारी रखा था. इस मामले में बाद में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की कड़ी निंदा की थी और इसके लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया था. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा करते हुए कहा था कि विरोधी ताकतों ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा ऐसे हमलों को बढ़ावा दे रही है.

हाल के सप्ताहों में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले हैं. स्थानीय लोग प्रशासनिक समस्याओं, भ्रष्टाचार और कट मनी (अवैध वसूली) जैसे मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कानूनी जांच का सामना कर रहे टीएमसी नेताओं की पुलिस थानों और अदालतों में पेशी के दौरान भी ऐसे प्रदर्शन देखने को मिले हैं. बीजेपी इन घटनाओं को 15 वर्षों के शासन के दौरान टीएमसी के खिलाफ जनता में बढ़ते असंतोष का संकेत बता रही है.

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