पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में जितना बड़ा राजनीतिक परिवर्तन बंगाल में हुआ है, वैसा बदलाव कहीं और देखने को नहीं मिला. शाह ने यह बात कोलकाता में अमुल बंगाल डेयरी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले दही उत्पादन प्लांट की नींव रखने के दौरान कही.
अमित शाह ने न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से हावड़ा में बनने वाले इस प्लांट का वर्चुअली शिलान्यास किया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, कई मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आजादी के बाद देश के किसी भी राज्य में ऐसा राजनीतिक बदलाव नहीं हुआ, जैसा बंगाल में देखने को मिला है. इस दौरान उन्होंने राज्य की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बंगाल में तीन दशक तक वामपंथी विचारधारा वाली सरकार रही, जिसे उन्होंने विदेशी विचारधारा बताया. इसके बाद उन्होंने टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.
शाह ने अपने तीन दिवसीय बंगाल दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने शासन से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा की है. उन्होंने बताया कि घुसपैठ रोकने, कानून व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा बेहतर बनाने को लेकर कई कदम उठाने पर बातचीत हुई है
अमूल दही प्लांट से किसानों को फायदा होने का दावा
गृहमंत्री ने अमूल बंगाल डेयरी प्रोजेक्ट को राज्य के डेयरी सेक्टर के लिए बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि इससे दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट में रोजाना 30 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की जाएगी. यहां हर दिन करीब 10 लाख किलो दही और दूसरे डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट से पश्चिम बंगाल के 1.25 लाख से ज्यादा डेयरी किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई है. इनमें करीब 30 हजार महिला किसान भी शामिल हैं.
अमूल बंगाल डेयरी प्रोजेक्ट का उद्देश्य राज्य में सहकारी डेयरी व्यवस्था को मजबूत करना है. इसके जरिए दूध उत्पादकों के लिए एक स्थायी बाजार तैयार करने की योजना है. शाह का यह कार्यक्रम उनके तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का आखिरी कार्यक्रम था. इस दौरान उन्होंने कई सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और अलग-अलग बैठकों में शामिल हुए.
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