नोएडा एयरपोर्ट के पास बसेगा एक और चमचमाता शहर... 8000 हेक्टेयर में मास्टरप्लान तैयार!

इस नए शहर में हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. औद्योगिक के साथ-साथ आवासीय सेक्टर भी विकसित होंगे. स्कूल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, बड़े अस्पताल, होटल, मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे. 5 अगस्त तक एजेंसियां अपनी बिड जमा कर सकेंगी. 7 अगस्त को टेक्निकल बिड खोली जाएगी.

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पहले इस इलाके में सिर्फ इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की योजना थी (Photo- Representational) पहले इस इलाके में सिर्फ इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की योजना थी (Photo- Representational)

अरुण त्यागी

  • ग्रेटर नोएडा,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:05 PM IST

यमुना प्राधिकरण (YEDA) क्षेत्र में एक और नया शहर आकार लेने जा रहा है. नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन नोड के बीच करीब आठ हजार हेक्टेयर जमीन पर इस शहर को बसाया जाएगा. पहले इस इलाके में सिर्फ इंडस्ट्रियल नोड (औद्योगिक क्षेत्र) विकसित करने की योजना थी, लेकिन अब यमुना अथॉरिटी ने अपने प्लान में बड़ा बदलाव किया है. यहां केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि पूरा कम्प्लीट ईको-सिस्टम तैयार किया जाएगा. 

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इस नए शहर में हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. औद्योगिक के साथ-साथ आवासीय सेक्टर भी विकसित होंगे. स्कूल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, बड़े अस्पताल, होटल, मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे. यमुना अथॉरिटी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टरप्लान तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है. 

5 अगस्त तक एजेंसियां अपनी बिड जमा कर सकेंगी. 7 अगस्त को टेक्निकल बिड खोली जाएगी. चयनित एजेंसी को फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 6 महीने का समय मिलेगा. रिपोर्ट आने के बाद अगले 4 महीनों में शहर का फाइनल मास्टरप्लान तैयार किया जाएगा. मास्टरप्लान को हरी झंडी मिलते ही जमीन पर शहर को विकसित करने का काम शुरू हो जाएगा. इससे यहां विकास तेज होगा.

स्पोर्ट्स सिटी में अटके प्रॉजेक्ट को मिलेगी गति

इसके साथ ही सेक्टर-150 की स्पोर्ट्स सिटी के अटके आवासीय प्रॉजेक्ट को गति देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एससी-2 प्लॉट पर फंसे पड़े प्रॉजेक्ट में जरूरत पड़ने पर जॉइंट डिवेलपर (जेडी) लाने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले से आर्थिक संकट से जूझ रहे बिल्डर प्रॉजेक्ट को रिवाइव करने के लिए किसी दूसरे बिल्डर ग्रुप का आर्थिक सहयोग ले सकेंगे. इससे प्रॉजेक्ट पूरा हो सकेगा और फ्लैट खरीदारों को भी अपने घर जल्दी मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी.

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15 साल से विवादों में फंसी स्पोर्टस सिटी पर 2021 से निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगी हुई थी. दिसंबर 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पोर्टस सिटी को रिवाइव करने की कवायद शुरू हो गई है. इसी के चलते सेक्टर-150 एससी-2 प्लॉट (300 एकड़) का लेआउट प्लान पिछले दिनों पास हो गया था. उसके बाद कई बिल्डरों ने प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन कर दिया है.

वहीं एससी-1 प्लॉट के लिए भी इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया. इसका अभी लेआउट प्लान तैयार हो रहा है. लेआउट प्लान की मंजुरी के बाद इसके बिल्डर भी बिल्डिंग प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन करेंगे. एससी-2 प्लॉट पर 24 बिल्डर प्रॉजेक्ट है और एससी-1 प्लॉट पर 27 बिल्डर प्रॉजेक्ट हैं. सेक्टर-150 स्थित एससी-2 प्लॉट पर कुल 24 सबलेसी बिल्डरो के प्रॉजेक्ट फंसे हुए हैं. फिलहाल इसी प्लॉट पर जेडी लाने की मंजूरी अथॉरिटी ने दी है लेकिन माना जा रहा है कि बाद में स्पोर्टस सिटी में भी जेडी लाने की मंजूरी मिल जाएगी.

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