यूपी में मानसून का असर लगातार बना हुआ है. पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में हो रही बारिश के बाद गुरुवार 30 जुलाई को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से 31 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं.
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
आईएमडी के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और बिजनौर सहित आसपास के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन जिलों के लोगों को मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां पूर्वी हिस्से की तुलना में अधिक प्रभावी रहने की संभावना है. पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बने गहरे दबाव और मानसूनी ट्रफ की सक्रिय स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून मजबूत बना हुआ है. इन्हीं मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में लगातार बारिश की परिस्थितियां बनी हुई हैं.
अब तक कितनी हुई बारिश
28 जुलाई तक के मौसमी आंकड़ों के अनुसार पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ जिलों में अब भी वर्षा का अभाव बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार मेरठ और मुजफ्फरनगर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अत्यधिक अधिक बारिश दर्ज की गई है. एटा, फिरोजाबाद और संभल में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है. वहीं अमेठी, भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, मऊ, अमरोहा, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, पीलीभीत और शामली जैसे जिलों में सामान्य से अत्यधिक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है.
पिछले 24 घंटे में यहां हुई अच्छी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में बिजनौर में 80 मिमी, रामपुर मनिहारन (सहारनपुर) में 79 मिमी, सहारनपुर में 74 मिमी, धामपुर (बिजनौर) में 70 मिमी और निघासन (खीरी) में 65.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है. नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है. सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है तथा खराब दृश्यता के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति और अन्य नगर सेवाओं में भी अस्थायी व्यवधान आ सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलमग्न सड़कों और पुलों को पार न करने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की भी सलाह दी गई है. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
किसानों के लिए भी जारी हुई सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है. गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द, मूंग और सब्जी की फसलों में जलभराव नहीं होने देना चाहिए. मौसम विभाग ने लाल सड़न, जड़ गलन और अन्य रोगों की निगरानी करने की भी सलाह दी है.
दिल्ली का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. एक दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने रात के समय हल्की बारिश और आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है. बारिश के आंकड़ों के अनुसार लोधी रोड में सबसे अधिक 68.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके बाद सफदरजंग में 57.6 मिमी, आयानगर में 51.5 मिमी, रिज में 40.6 मिमी और पालम में 27.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई. शाम के समय दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 104 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में रहा.
aajtak.in