UP Rani Laxmibai Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' संबंधी दिशा-निर्देशों को मंजूरी मिल गई है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी. हालांकि हर छात्रा को इसका लाभ नहीं मिलेगा. सरकार ने पात्रता, चयन प्रक्रिया, स्कूटी खरीद और वितरण को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं. अगर आप या आपके परिवार की कोई बेटी इस योजना का लाभ लेना चाहती है तो पहले इन नियमों को जान लेना जरूरी है.
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है. सरकार का मानना है कि प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की अनेक छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में परिवहन की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार यही समस्या पढ़ाई बीच में छोड़ने की वजह भी बन जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऐसी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने का फैसला किया है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें.
योजना का उद्देश्य केवल वाहन देना नहीं, बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाना भी है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, सरकार ने इस योजना के लिए कई प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कम करना, उच्च शिक्षा में छात्राओं का रिटेंशन (Retention) बढ़ाना, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराना, छात्राओं की गतिशीलता (Mobility) बढ़ाना, उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाना, छात्राओं में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना विकसित करना है. सरकार का मानना है कि परिवहन की सुविधा मिलने से अधिक बेटियां उच्च शिक्षा से जुड़ेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी पढ़ाई जारी रखने का उत्साह बढ़ेगा.
किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने योजना के लिए स्पष्ट पात्रता तय की है. इसके तहत लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हों और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण हों. प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय, प्राइवेट विश्वविद्यालय या राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त अथवा स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो. यानी यह योजना सभी छात्राओं के लिए स्वतः लागू नहीं होगी, बल्कि निर्धारित पात्रता पूरी करना आवश्यक होगा.
क्या हर छात्रा को मिलेगी फ्री स्कूटी
योजना का लाभ सभी छात्राओं को नहीं मिलेगा. केवल चयनित छात्राओं को मिलेगा. सरकार ने इसके लिए मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया तय की है. स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं की टॉप 5 प्रतिशत मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर पात्र छात्राओं का चयन होगा. यानी जिन छात्राओं का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहेगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.
स्कूटी कैसे खरीदेगी सरकार
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्कूटी खरीद की पूरी प्रक्रिया भी तय कर दी है. सभी स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी. इससे गुणवत्ता, कीमत और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी. सरकार ने इस योजना में पेट्रोल चालित स्कूटी देने का फैसला किया है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की बेहतर उपलब्धता है. सरकार का मानना है कि प्रदेश के हर हिस्से में पेट्रोल स्कूटी का संचालन और रखरखाव अपेक्षाकृत आसान होगा. इससे छात्राओं को भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या चार्जिंग संबंधी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
स्कूटी के साथ क्या-क्या मिलेगा
सरकार केवल स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि पूरा पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें स्कूटी के साथ गाड़ियों का पंजीकरण (Registration), बीमा (Comprehensive Insurance), आईएसआई मार्क वाला हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल और जरूरी एक्सेसरीज शामिल है. इसका उद्देश्य यह है कि छात्राओं को वाहन मिलने के बाद किसी अतिरिक्त शुरुआती खर्च का सामना न करना पड़े.
क्या आवेदन करना होगा?
कैबिनेट ने फिलहाल योजना के दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है. आवेदन प्रक्रिया, ऑनलाइन पोर्टल, दस्तावेजों की सूची, आवेदन की अंतिम तिथि और वितरण कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी सरकार द्वारा अलग से जारी की जाएगी. इसलिए पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालयों की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखनी चाहिए. प्रदेश के कई जिलों में छात्राओं को कॉलेज पहुंचने के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण कई छात्राएं नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा पातीं. सरकार का मानना है कि स्कूटी मिलने से ऐसी छात्राओं के लिए कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा. इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी भी बढ़ेगी.
एक नजर में योजना के प्रमुख नियम
- योजना का नाम: रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
- किनको मिलेगा लाभ: उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राएं
- शैक्षणिक सत्र: 2025-26
- पात्रता: स्नातक उत्तीर्ण छात्राएं
- चयन प्रक्रिया: टॉप 5 प्रतिशत मेरिट सूची
- स्कूटी का प्रकार: पेट्रोल
- खरीद का माध्यम: GeM पोर्टल
- पैकेज में शामिल: स्कूटी, रजिस्ट्रेशन, बीमा, आईएसआई हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल और आवश्यक एक्सेसरीज
उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देगी. आने वाले समय में योजना के विस्तृत संचालन, आवेदन प्रक्रिया और वितरण कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद हजारों छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
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