यूपी के जालौन में बीजेपी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन से धक्का-मुक्की के बाद आईएएस रिंकू सिंह राही का तबादला हो गया है. हालांकि, ब्लॉक प्रमुख की मांग है कि आईएएस पर एफआईआर की जाए. वहीं, रिंकू सिंह का कहना कि ये हथकंडा जांच को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है. दरअसल, पूरा विवाद रामराजा निरंजन के कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान हुआ था.
वैसे तो जिले में प्रशासनिक फेरबदल आम बात है लेकिन कुछ तबादले चर्चा का विषय बन जाते हैं. ऐसे ही जालौन में तैनात एसडीएम रिंकू सिंह का भी बीते दिन ट्रांसफर हुआ. लेकिन इसे ब्लॉक प्रमुख से हुई झड़प से जोड़कर देखा जा रहा है. इसने पूरे जिले के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.
आपको बता दें कि जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय द्वारा मंगलवार को जारी एक कड़े आदेश के तहत, अपनी सख्त कार्यशैली के लिए प्रदेश भर में सुर्खियों में रहने वाले संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम रिंकू सिंह राही का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया. उन्हें अब उरई में एसडीएम (न्यायिक) जैसी अपेक्षाकृत कम प्रभाव वाली जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उनकी जगह राकेश कुमार सोनी को जालौन का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है.
जब एसडीएम रिंकू सिंह को जालौन से स्थानान्तरित होने का आदेश प्राप्त हुआ उन्होंने बिना देर किए राजेश कुमार सोनी को तत्काल चार्ज सौंप दिया. उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी छोड़ दी और प्राइवेट बस से उरई पहुंच गए. उसके बाद ई रिक्शे से उरई स्थित कलक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने एसडीएम (न्यायिक) का चार्ज लिया.
जानें मामला
घटना 23 जून को शुरू हुई थी. एसडीएम रिंकू सिंह राही क्षेत्र के 'बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज' का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इसी दौरान वहां ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन भी मौजूद थे. किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एसडीएम रिंकू राही आपा खो बैठे. ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें थप्पड़ मारने का प्रयास किया, जो उनके गाल पर न लगकर हाथ में लगा. पूरा दृश्य पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया.
ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से कर दी. शिकायत के साथ साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज भी जिलाधिकारी को सौंप दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया. अधिकारियों की मानें तो यह प्रशासनिक फेरबदल महज एक सामान्य प्रक्रिया है. जबकि आम जन में यह सामान्य नहीं माना जा रहा है.
उधर, ब्लॉक प्रमुख ने फोन पर बताया कि ट्रांसफर के लिए जिलाधिकारी जालौन और प्रशासन का धन्यवाद लेकिन यह समस्या का हल नहीं हुई बल्कि जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई के साथ एसडीएम पर FIR भी दर्ज होनी चाहिए. ताकि आगे से किसी सभ्रांत नागरिक को अपमानित न होना पड़े.
गौरतलब है कि रिंकू सिंह राही का विवादों और चर्चाओं से पुराना नाता रहा है. इससे पहले शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए एक उठक-बैठक प्रकरण को लेकर भी वह पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बने थे. अपनी बेबाक और सख्त कार्यशैली के कारण लगातार सुर्खियों में रहने वाले राही अब उरई में अपनी नई न्यायिक भूमिका संभालेंगे.
मोहम्मद अलीम सिद्दीकी