उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दीयों की होड़, महंगाई और रुपये की हालत पर सवाल उठाए. डूसू चुनाव का जिक्र करते हुए यूपी में भी चुनाव कराने की मांग की. उन्होंने श्रावस्ती, बलरामपुर, रायबरेली और संतकबीर नगर की घटनाओं का उदाहरण देकर सरकार को घेरा. साथ ही कानपुर देहात के नेता जुनैद समेत कई लोगों के पार्टी में आने पर खुशी जताई.
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में इन दिनों दीयों का कंपटीशन चल रहा है. हर कोई यही देख रहा है कि कौन कितने ज्यादा दिए जलवाएगा. इसके साथ ही उन्होंने महंगाई का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि यह महंगाई का दौर है. जो लोग पहले डॉलर और रुपये की तुलना करते थे, वे आज देखें कि रुपये की क्या हालत हो गई है.
डूसू चुनाव पर उन्होंने कहा कि यूपी में भी चुनाव होने चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली में चुनाव हो सकता है तो यूपी में क्यों नहीं हो सकता.
अखिलेश यादव ने कई जिलों की घटनाएं गिनाईं. उनके मुताबिक श्रावस्ती में पूर्व विधायक ने सिर्फ एक वीडियो शेयर किया तो उन पर एफआईआर दर्ज हो गई. उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में अगर बीजेपी की सरकार आई तो वीडियो देखने वालों पर भी एफआईआर हो सकती है. बलरामपुर में जगराम पासवान ने अजय सेठ वाला वीडियो शेयर कर दिया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया. रायबरेली में छात्रसभा का कार्यक्रम नहीं होने दिया गया. संतकबीर नगर में पप्पू निषाद पर जानलेवा हमला किया गया.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अगर आप स्वजातीय हैं तो आपको सम्मान मिलेगा. अगर नहीं हैं तो आपको डराया और धमकाया जाएगा. उन्होंने खर्च को लेकर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि 10 साल में हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. उन्होंने कहा कि नकारात्मक प्रचार के लिए इतना फंड किसी को नहीं दिया गया होगा, जितना भाजपा दे रही है.
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें खुशी है कि कानपुर देहात के मजबूत नेता जुनैद पार्टी में शामिल हुए हैं. इनके साथ मयंक द्विवेदी और विजय शंखवार भी आए हैं.
संतोष शर्मा