उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली (देखरेख करने वाले) मोहम्मद तनवीर अहमद की ओर से दाखिल याचिका पर राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
याचिका में मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई है. कोर्ट ने सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा मस्जिद पर लगाए गए ₹6.41 करोड़ के जुर्माने पर अंतरिम रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद उसके मलबे को जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर चुनौती फाटक के पास डलवाया गया. इसके बाद अंबाला रोड पर बड़ी नहर से पहले कब्रिस्तान के बाहर पड़े मलबे को देखने के लिए कुछ मुस्लिम लोग वहां पहुंचे. लोगों ने मलबे को देखा, वहां से ईंटें उठाईं और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए.
सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर सामने आए इन वीडियो के बाद ईंटों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई. कुछ ईंटों पर 1911 और कुछ पर 1909 लिखा होने का दावा किया गया. वीडियो में कुछ लोग इन ईंटों को मलबे से उठाते हुए नजर आए. इसके बाद कई लोग ईंटों को अपने घर ले जाते हुए भी दिखाई दिए.
मलबे से ईंटें उठाए जाने और इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले में तुरंत कार्रवाई की. देर रात जेसीबी की मदद से अंबाला रोड पर कब्रिस्तान के बाहर पड़े मलबे को हटवाया गया. इसके बाद नगर निगम की गाड़ियों में मलबे को भरकर चुनौती फाटक के पास दिल्ली रोड पर निर्धारित स्थान पर ले जाकर डलवा दिया गया. मलबा हटाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी. मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है, ताकि मलबे की निगरानी की जा सके.
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