रामचरितमानस विवाद के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा को उम्मीद, बदायूं से BJP देगी टिकट 

रामचरितमानस विवाद के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य को उम्मीद है कि उन्हें बीजेपी बदायूं से फिर टिकट देगी. इसके अलावा इस विवादित बयान पर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है.

Advertisement
बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य (फाइल फोटो) बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी से मचे बवाल के बीच उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य को उम्मीद है कि बीजेपी उन्हें बदायूं से फिर टिकट देगी. संघमित्रा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में सपा उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव को हराया था. 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को लेकर कहा था कि महाकाव्य के कुछ हिस्सों में दलितों और महिलाओं का अपमान किया है. इस विवाद से खुद को दूर करने के लिए संघमित्रा ने कहा कि इस बहस से उनका कोई लेना-देना नहीं है. 

Advertisement

बीजेपी से सपा में आने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी सीट से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद सपा ने उन्हें एमएलसी बनाया है. स्वामी प्रसाद के बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, लेकिन संघमित्रा ने अपने पिता का बचाव करते हुए कहा था कि रामचरितमानस के कुछ हिस्सों पर बहस होनी चाहिए. हालांकि अब उन्होंने इस विवाद को खत्म करने के लिए कहा है. 

बहस से कोई लेना-देना नहीं: संघमित्रा

संघमित्रा मौर्य ने कहा अब सभी चीजें स्पष्ट हैं. आप इस पर इतना शोर क्यों मचाना चाहते हैं. संघमित्रा मौर्य ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि अब इस मामले को खत्म करना चाहिए. यदि आप किसी दूसरे विषय पर बात करना चाहते हैं तो बताइए. अब मैं इस मामले पर बात नहीं करना चाहती. मेरा इस बहस से कोई लेना-देना नहीं है. 

Advertisement

बीजेपी से चुनाव लड़ने की उम्मीद

बीजेपी के टिकट पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि मैं लोकसभा चुनाव बदायूं से लड़ूंगी. मैं लगातार वहां काम कर रही हूं. बीजेपी की टिकट पर ही आगामी लोकसभा चुनाव लड़ूंगी.  

22 जनवरी को दिया था बयान

बता दें कि यूपी के प्रमुख ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने 22 जनवरी को आरोप लगाया था कि रामचरितमानस की कुछ चौपाइयां समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करती हैं. उन्होंने रामचरितमानस से इन पंक्तियों को हटाने या फिर पूरे ग्रंथ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. 

स्वामी प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज

उनके इस बयान के बाद लखनऊ के हजरतगंज और पीजीआई पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई हैं. हाल ही में सपा के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए मौर्य ने कहा कि रामचरितमानस में जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर भेद किया गया है, जोकि अधर्म है. मौर्य ने दावा किया कि इन पंक्तियों से लाखों लोगों को दुख पहुंचता है. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »