अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद अब श्रद्धालुओं की शिकायतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की चिंता बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार कई दानदाताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने भगवान रामलला को जो भेंट अर्पित की थी, उसकी उन्हें रसीद नहीं दी गई. साथ ही उनकी ओर से दी गई कई वस्तुएं मंदिर में न तो प्रदर्शित की गईं और न ही उनके सुरक्षित रखे जाने की जानकारी उपलब्ध कराई गई.
दानदाताओं के समर्पण को लौटा सकता है ट्रस्ट
सूत्रों का कहना है कि इन शिकायतों को देखते हुए ट्रस्ट अब संबंधित श्रद्धालुओं की भेंट स्वरूप दी गई वस्तुओं को लौटाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है. ट्रस्ट का मानना है कि रामलला के गर्भगृह में सभी श्रद्धालुओं की ओर से प्राप्त भेंट सामग्री को रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है. ऐसे में भेंट के बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर मंथन किया जा रहा है.
हालांकि, इस संबंध में अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं की गई है. फिलहाल ट्रस्ट स्तर पर चर्चा जारी है और श्रद्धालुओं की शिकायतों के समाधान के लिए संभावित उपायों पर विचार किया जा रहा है. यदि ऐसा फैसला लिया जाता है, तो यह राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा.
इधर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज और एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट के जज रजत वर्मा के छुट्टी पर होने के कारण सोमवार को सनवाई प्रभारी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज प्रतिभा नारायण की कोर्ट में हुई. जहां आरोपियों की न्यायिक रिमांड को 14 दिन और बढ़ा दिया गया. अब आरोपियों की पेशी 27 जुलाई को होगी, आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई.
चढ़ावा चोरी मामले का असर श्रद्धालुओं पर नहीं
श्रीराम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है और चढ़ावा चोरी मामले का असर श्रद्धालुओं पर नहीं पड़ा है. पुलिस कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार 21 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच अधिकांश दिनों में 2025 की तुलना में अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे.
आंकड़ों के मुताबिक 21 जून 2026 को 94419 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि इसी दिन वर्ष 2025 में यह संख्या 81303 थी. 28 जून 2026 को सर्वाधिक 1,02,672 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जो इस अवधि का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा. 26 जून को 97,603, 27 जून को 97,134 और 30 जून को 96,112 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.
छुट्टियों के दिन एक लाख के पार पहुंच रही है श्रद्धालुओं की संख्या
कुछ दिनों में 2025 की तुलना में दर्शनार्थियों की संख्या कम भी रही. 22 जून 2026 को 75,845 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2025 में यह संख्या 88,756 थी. इसी तरह 29 जून 2026 को 84,102 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 2025 में 84,443 श्रद्धालु पहुंचे थे. 3 जुलाई को भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. वर्ष 2026 में इस दिन 87,652 श्रद्धालुओं ने श्रीरामलला के दर्शन किए, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 83,863 था.
पुलिस कंट्रोल रूम के आंकड़े बताते हैं कि श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है और अवकाश व विशेष अवसरों पर दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार भी पहुंच रही है. प्रशासन भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम कर रहा है.
आशीष श्रीवास्तव