उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बड़े मंगल के भंडारे के दौरान सामने आए एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है. शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक के साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है और मामले में कार्रवाई की मांग उठने लगी है. वहीं पुलिस ने पूरे मामले की जांच की बात कही है. बताया जा रहा है कि यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की जहानाबाद चौकी से कुछ ही दूरी पर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की है. बड़े मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था. इसी दौरान एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति मंदिर परिसर में पहुंच गया.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे व्यक्ति को कुछ लोग रोकते हैं. इसी दौरान कथित रूप से मंदिर के पुजारी द्वारा उसे लात मारी जाती है. वीडियो में व्यक्ति लात लगने के बाद दूर जाकर गिरता हुआ नजर आता है. यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर के पुजारी भीम शंकर द्विवेदी ने अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने मंदिर परिसर के अंदर का सीसीटीवी वीडियो जारी किया और दावा किया कि संबंधित व्यक्ति महिलाओं के साथ अभद्रता कर रहा था. पुजारी के अनुसार वह महिलाओं के साथ जबरन डांस करने की कोशिश कर रहा था, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को परेशानी हो रही थी.
मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार
पुजारी का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसे बाहर निकाला गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने सनातन की रक्षा के लिए यह कदम उठाया. उनका यह बयान भी अब चर्चा का विषय बना हुआ है. मंदिर द्वारा जारी किए गए सीसीटीवी वीडियो में संबंधित व्यक्ति कुछ करतब करता हुआ दिखाई देता है. वीडियो में एक महिला सेवादार भी नजर आती है, जो उसे वहां से हटाने का प्रयास करती है. इसके बाद उसे खींचते हुए मंदिर के गेट की तरफ ले जाया जाता है.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद कई लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ था तो उसके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए था. वहीं कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. फिलहाल इस मामले में पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किस परिस्थिति में संबंधित व्यक्ति को मंदिर परिसर से बाहर निकाला गया, इस बीच वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. एक ओर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य हैं, तो दूसरी ओर मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज और पुजारी का पक्ष है. अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है.
शैलेन्द्र प्रताप सिंह